अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पास

अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पास
लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति लगाने के प्रस्ताव को पास कर दिया है. जिस पर संत और महंतों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है. जगतगुरु राम दिनेश आचार्य ने मूर्ति का स्वागत किया है. लेकिन उन्होंने कहा कि भगवान राम की मूर्ति भारतीय परम्परा के अनुसार ही लगाई जानी चाहिए. भगवान श्री राम हमारे आराध्य हैं, उनकी देखभाल की व्यवस्था हो. वह परमात्मा के स्वरूप हैं, यह मानकर उनकी पूजा अर्चना की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि संत समुदाय से चर्चा करके अगर मूर्ति बनाई जाती है तो यह स्वागत योग्य बात होगी है. वहीं जगतगुरु राम दिनेशचार्य ने कहा कि राम की मूर्ति के ऊपर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि उसके ऊपर पक्षी ना बैठे, ना धूप लगे और ना ही बारिश से उस पर कोई असर हो. हालांकि राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास भारतीय जनता पार्टी के ऊपर हमलावर दिखे. उन्होंने कहा कि राम भक्तों को प्रलोभन देने के लिए इस तरीके का कार्य भारतीय जनता पार्टी कर रही है. यह एक छलावा मात्र है और राम भक्त छलावे में नहीं आएंगे. उन्होंने कहा कि राम मंदिर से भक्तों को भटकाने के लिए इस तरीके का कार्य किया जा रहा है लेकिन रामभक्त भटकने वाले नहीं हैं. उनका मानना है कि यदि राम की विशालकाय मूर्ति सरकार लगाती है तो उसकी पूजा अर्चना और छत्र की भी व्यवस्था होना चाहिए. मूर्ति के लिए मंदिर होना जरूरी है और 5 तरीके की भगवान की आरती होनी चाहिए.