रायपुर, लोकवाणी में बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत शासकीय नारी निकेतन की बहन सुशीला कंवर दीदी के विवाह पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा कि निश्चित तौर पर यह मेरे लिए सौभाग्य और प्रसन्नता का विषय है।
हर मां-बाप का सपना होता है कि उसकी बेटी का विवाह अच्छे से हो और यदि कोई बेटी संकट में है तो सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वह माता-पिता की भूमिका निभाए। मुझे यह कहते हुए संतोष होता है कि हमने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामान्य जोड़े के लिए सहायता राशि 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार और दिव्यांगजन के लिए 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए की है।
मैं चाहूंगा कि सभी बेटियां अपने नए घर-संसार में सुखी रहें। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी 2021 को इस योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह में 3 हजार 229 बेटियों के हाथ पीले किए गए। गोल्डन बुक आॅफ रिकार्ड में छत्तीसगढ़ के नाम यह कीर्तिमान दर्ज किया गया।
बिलासपुर कोटा की एकता गुप्ता ने राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान प्रारंभ की गयी योजनाओं शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ाई तुंहर दुआर, जड़ी बूटियों का संग्रहण, पारंपरिक वैद्यों के ज्ञान को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य परंपरा के पुनरुद्धार के साथ हर्बल औषधियों का नि:शुल्क वितरण जैसी योजनाओं और महिलाओं के लिए चलाई जा रही दाई बेटी योजना जैसी योजनाएं को सराहनीय बताया।
उन्होंने अपने रिकार्ड किए गए संदेश में कहा कि बहुत सारी जगहों पर ट्रेन और बस के साधन आज भी संचालित नहीं हो रहे हैं, कोरोना के कारण ट्रेन और बस अभी छोटे शहरों और अंचलों में जो बंद हैं, उसे थोड़ा जल्दी चालू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कहा कि निश्चित तौर पर कोरोना-कोविड-19 देश और दुनिया के लिए एक नए तरह का संकट था। इस संकट से निपटने में हमें जो सफलता मिली है, उसमें नारी शक्ति का बड़ा योगदान है। अपने परिवार को संभालने, घर-गृहस्थी के साथ आजीविका संभालने की जिम्मेदारी आप लोगों ने बखूबी निभाई है।
इस दौरान हमारे गांवों में खेती-किसानी का काम भी हुआ, जंगलों में वनोपज संग्रह, महात्मा गांधी नरेगा के तहत रोजगार, आंगनबाड़ी तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में महिलाओं का योगदान अभूतपूर्व रहा है।
जहां तक ट्रेन व बस सुविधाएं शुरू करने का सवाल है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि हम अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रहे हैं कि भारत सरकार जितनी जल्दी रेल परिवहन को सामान्य करें। राज्य सरकार के स्तर पर हम पूरा सहयोग करेंगे, वहीं प्रदेश में बस सेवाएं सामान्य करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।