प्रभारी मंत्री ने कहा था सात दिन में गठित होगी गौशाला समिति, चार माह बाद खुद खामोश

प्रभारी मंत्री ने कहा था सात दिन में गठित होगी गौशाला समिति, चार माह बाद खुद खामोश
awdhesh dandotia मुरैना। चार महीने पहले गौशाला मेंं गोवंश की दुर्दशा पर तीखे तेवर दिखा रहे प्रभारी मंत्री के सुर अब बदल रहे हैं। खुद ही सात दिन में गौशाला के लिए समिति गठन के निर्देश दे चुके प्रभारी मंत्री अभी तक समिति गठन को अंतिम रूप नहीं दे पाए हैं। कलेक्टर प्रियंकादास यह कहकर अपनी बात को विराम दे रही हैं कि वह समिति बनाकर प्रभारी मंत्री के पास भेज चुकी हैं जबकि प्रभारी मंत्री अभी भी दो-चार दिन में समिति गठन का दावा कर रहे हैं। देवरी गौशाला में गोवंश की दुर्दशा प्रभारी मंत्री लाखन सिंह ने चार महीने में अपनी आंखो से देखी थी। उस समय उन्होंने न केवल समिति को भंग कर दिया था बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी फटकार लगाई थी और साफ शब्दो में कह दिया था कि अब गौशाला का संचालन विधिवत रूप से होगा ताकि गोवंश की दुर्दशा न हो इसके लिए उन्होंने तत्काल समिति गठन का निर्देश भी दिया था। समिति गठन के लिए सात दिन की समय-सीमा खुद प्रभारी मंत्री ने निर्धारित की। इस आदेश के बाद प्रभारी बार-बार मुरैना आए और उनसे समिति गठन को लेकर सवाल भी किए गए लेकिन वह हर बार यही कह रहे हैं कि समिति का गठन जल्द ही होगा, लेकिन आज तक समिति नहीं बन पाई है। शनिवार को रेस्टहाउस पर मीडिया से चर्चा के दौरान भी वह समिति गठन की बात को यह कहकर टाल गए कि समिति का गठन हो गया है केवल घोषणा करना है। प्रभारी मंत्री लाखन सिंह के इस रवैये को देखकर अब चर्चाऐं हैं कि गौशाला का निरीक्षण केवल सुर्खियां बटोरने तक ही सीमित था, उन्हें गौवंश की दशा से वास्ता नहीं है। क्योंकि समिति गठन को लेकर वह अब कतई गंभीर नजर नहीं आ रहे। क्योंकि कलेक्टर प्रियंकादास ने तकरीबन 15 दिन पहले कहा था कि समिति गठन की फाइल प्रभारी मंत्री को भेजी गई है। इससे साफ होता है कि प्रभारी मंत्री खुद ही समिति गठन में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। बताया जाता है कि विधायकों की आपसी खींचतान के कारण समिति का गठन अटक रहा है। सूत्र बताते हैं कि हर विधायक अपने समर्थकों को इस समिति में शामिल कराना चाहते हैं, शायद यही कारण है कि किसी भी विधायक की नाराजगी न हो इसलिए प्रभारी मंत्री समिति का गठन व उसका ऐलान करने से बच रहे हैं और प्रभारी मंत्री की यह चुप्पी गौवंश की दुुर्दशा का कारण बन रही है।