दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के तीन युवक दुबई में फंसे हैं. रोजगार की आस में दुबई गए इन युवाओं को वहां नौकरी तो नहीं मिली, बल्कि एजेंट उनका पासपोर्ट अपने पास लेकर फरार हो गया, जिससे ये युवक न तो वहां नौकरी कर पा रहे हैं और नहीं भारत वापस आ पा रहे हैं. सोशल मीडिया के जरिये इन युवकों ने दिल्ली में रहने वाले देशप्रेमी इंडिया फाउंडेशन के सचिव व खोरीबारी देवरिया के निवासी धीरज राय से संपर्क किया. जिसके बाद इसको गंभीरता से लेते हुए धीरज राय ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इन युवकों के स्वदेश वापसी के लिए प्रयासरत हैं.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के ग्राम डम्मर छपरा निवासी प्रमोद कुशवाहा पुत्र सत्यप्रकाश कुशवाहा बीते 14 मई को एक एजेंट के माध्यम से दुबई गए थे. इन्हें घासीकटरा (गोरखपुर) के निवासी शहनाज खान पुत्र शाहिद खान ले गया था, लेकिन वहां पर किसी अन्य कंपनी में लगाकर मजदूरी कराने लगा. इतना ही नहीं इस दौरान उसे वेतन भी नहीं दिया. लगभग 6 महीने का वेतन नहीं देने के बाद जब प्रमोद ने पैसे की मांग की, तो उसके साथ शहनाज खान ने मारपीट की और उसका पासपोर्ट लेकर भारत भाग गया. ऐसे में पासपोर्ट न होने की स्थिति में प्रमोद वापस भारत भी नहीं आ पा रहा है. हालात ये है कि परिजनों ने प्रमोद को ब्याज पर रुपये लेकर दुबई भेजा था. उम्मीद थी कि इनकी कमाई से कर्ज वापसी के साथ-साथ घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन प्रमोद की घर वापसी मुश्किल हो गई है जिससे परिजन परेशान हैं।
बिहार के दो युवक भी फंसे
इतना ही नहीं प्रमोद के साथ वहां बिहार के बक्सर जिले के एकौना गांव निवासी शंभूनाथ चौधरी के बेटे ऋषिकांत भी फंसे हैं उनके अलावा रोहतास जिले के कोडडीह निवासी गिरजांनद सिंह के बेटे रोहित कुमार भी हैं. इन दोनों युवकों को भी पासपोर्ट लेकर एजेंट भारत आ गया है जिससे ऋषिकांत और रोहित कुमार के परिजन भी परेशान हैं इन सभी के परिजनों ने एसएसपी गोरखपुर को खत लिखकर एजेंट के धर पकड की गुहार लगाई लेकिन कुछ ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी. जिसके बाद इन्होंने सोशल मीडिया के जरिये धीरज राय से अपनी व्यथा बताई.
विदेश मंत्रालय में शिकायत
देशप्रेमी इंडिया फाउंडेशन के सचिव धीरज राय ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को खत लिखकर और अधिकारियों से मिलकर इस पूरे मामले से अवगत कराया है, जिस पर सक्रियता दिखाते हुए मंत्रालय ने दुबई स्थित दूतावास के अधिकारियों को निर्देशित भी किया है. इसके अलावा परिजनों की शिकायत पर गोरखपुर डीएम की तरफ से भी दूतावास को मेल किया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही इन युवकों को पासपोर्ट मिल जाएगा और ये वापस भारत आ सकेंगे. उन्होंने बताया कि वह लगातार इन युवकों से संपर्क में है और अधिकारियों की तरफ से भी आश्वासन मिला है कि जल्द से जल्द ये युवक भारत आ सकेंगे.