कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने संप्रेक्षण गृह को बच्चों की पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान देने के दिए निर्देश

कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने संप्रेक्षण गृह को बच्चों की पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान देने के दिए निर्देश

भोपाल
कलेक्टर तरुण पिथोड़े अचानक पुरानी जेल के सामने बने संप्रेक्षण गृह पहुंचे। अवकाश के दिन कलेक्टर को वहां देखकर कर्मचारी हैरान रह गए। आनन फानन में साफ सफाई कराई। कलेक्टर ने स्टाफ को अलग कर बच्चों से अकेले में बात की, तो उन्होंने बताया कि उन्हें जगह कम पड़ती है। इस कारण आपस में झगड़े ज्यादा होते हैं। इस पर कलेक्टर ने तत्काल दो कमरे बनाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने बच्चों की पढ़ाई पर भी गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर आधे घंटे तक यहीं रहे। इस गृह में अधिकांश वे बच्चे रहते हैं, जो लावारिस स्थिति में मिले हैं या अपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे थे। पुलिस ने उन्हें बचाकर सुधार गृह भेजा है। इसके बाद कलेक्टर नेहरू नगर स्थित बालिका गृह पहुंचे। यहां छात्राओं से उनकी एजुकेशन के बारे में बात की थी। एक छात्रा के नंबर 78 फीसदी सुनकर कलेक्टर काफी खुश हुए। उन्होंने पढ़ाई कर रही छात्राओं को अच्छी सुविधा देने के निर्देश दिए हैं।

संप्रेक्षण गृह में बच्चों, छात्राओं की काउंसलिंग करने को लेकर कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग की अधिकारी से जानकारी मांगी तो उन्होंने काउंसलर्स बढ़ाई की बात कही। इस पर कलेक्टर ने स्वीकृति दी है। काफी समय बाद बाल संप्रेक्षण गृह, बाल शिशु केंद्रों का दौरा किसी कलेक्टर ने किया है। कलेक्टर मातृछाया भी गए थे। बच्चों ने कलेक्टर को रहन-सहन संबंधी शिकायतें ही कीं। किसी ने खानपान और दूसरी परेशानियां नहीं बताई।