कोरोना: महाकाल की भष्म आरती में नहीं होंगे भक्त
उज्जैन
कोरोना का खौफ बाबा महाकाल के दरबार तक पहुंच गया है. मंदिर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर भस्मारती में श्रद्घालुओं के प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. मंदिर के गर्भ गृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक रहेगी.
कोरोना वायरस का असर देवस्थानों पर भी नज़र आने लगा है. देश में लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सोमवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया. यहां बाबा महाकाल की प्रतिदिन अल सुबह होने वाली भस्मआरती में आम और वीआईपी श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया है. फिलहाल ये रोक 31 मार्च तक है, अगले आदेश के बाद ही अगला फैसला होगा. आम के साथ अब वीआईपी श्रद्धालुओं को भी अब प्रवेश नहीं दिया जाएगा. इसी के साथ गर्भगृह में सामान्य दर्शन भी आज से बंद कर दिए गए हैं.आरती में केवल पुजारी ही मौजूद रहेंगे. यानि मंगलवार 18 मार्च को होने वाली भस्म आरती में सिर्फ पंडे पुजारी गर्भगृह में मौजूद रहेंगे.कोई भी भक्त मंदिर में नहीं जा सकेगा.
गर्भगृह में प्रवेश पर भी पाबंदी
कोरोना वायरस के बचाव के लिए महाकाल मंदिर समिति सहित मंदिर के पंडे पुजारियों ने निर्णय लिया है कि 31 मार्च तक अल सुबह होने वाली भस्मारती में आम और वीआईपी श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाए.महाकाल मंदिर में होने वाली भस्मारती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं. देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफे को देखते हुए मंदिर समिति ने ये फैसला किया है. न सिर्फ भस्म आरती में बल्कि उसके बाद भी श्रद्धालुओं को फिलहाल दिनभर गर्भगृह में प्रवेश पर पाबंदी रहेगी. कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए महाकाल मंदिर में साफ-सफाई व्यवस्था और दुरुस्त कर दी गयी है. मंदिर परिसर की दिन में दो बार धुलाई की जा रही है.
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