क्या बोलीं नाराज यशोधरा
भोपाल
अपनी सरकार में लगातार उपेक्षा से नाराज चल रही प्रदेश की वरिष्ठ मंत्री और राजमाता की पुत्री यशोधरा राजे सिंधिया की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है| बीजेपी की बैठक में राजमाता सिंधिया की तस्वीर न रखने पर यशोधरा तमतमा गई और बैठक छोड़कर चली गई| इससे पहले नाराज यशोधरा ने कहा राजमाता ने भाजपा को पैदा किया,अटल जी को शिक्षा के लिये मेरे माता पिता ने स्कालरशिप दी, इसके बाद भी राजमाता की फोटो नहीं लगाई गई| मंच पर गुस्से में यशोधरा ने कहा बेटी नहीं कार्यकर्ता की हैसियत से बोल रही हूँ, जिन्होंने पार्टी को दिशा दी पूरा जीवन दिया उनकी फोटो को ही नहीं रखा गया| यशोधरा की नाराजगी से पार्टी में हड़कंप मच गया| यशोधरा गुस्से में इस बड़ी बैठक को छोड़कर निकल गई, हालांकि कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश भी की लेकिन यशोधरा नहीं मानी और बैठक छोड़कर चली गईं|
दरअसल, भाजपा द्वारा आगामी 25 सितंबर को आयोजित किए जा रहे कार्यकर्ता महाकुंभ की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को राजधानी में बड़ी बैठक का आयोजन किया गया, बैरागढ़ के संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज आॅडिटोरियम में होने वाली बैठक में प्रदेश भर से दो हजार से ज्यादा पार्टी पदाधिकारी पहुंचेंगे| बैठक में मंच पर भाजपा के संस्थापक सदस्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामाप्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी एवं कुशभाऊ ठाकरे की तस्वीर तो लगाई गई थी परंतु राजमाता सिंधिया की तस्वीर नहीं थी। इसी बात से यशोधरा नाराज हो गईं और बैठक छोड़कर चली गईं। आनन फानन में राजमाता की फोटो को रखवाया गया| यशोधरा की नाराजगी से पार्टी में हड़कंप मच गया है, बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात झा ने यशोधरा राजे के बैठक से जाने को लेकर कहा जानकारी लेकर ही कुछ कह पाऊंगा, वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने इस मामले में चुप्पी साध ली है| गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है राजमाता की फोटो हर बार रखी जाती है अगर किसी कार्यक्रम में नही रखी तो मुझे नही लगता कि कोई नाराजगी की बात है।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब यशोधरा की नाराजगी सामने आयी हो, भाजपा नेता सहित मुख्यमंत्री द्वारा सिंधिया परिवार पर सार्वजानिक मंचों से टिप्पणी को लेकर भी यशोधरा की नाराजगी सामने आ चुकी है| यशोधरा की नाराजगी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है| हाल ही में उन्होंने शिवपुरी में बीते दिनों यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि हो सकता है कि वे अगला चुनाव यहां से न लड़े। जिसकी वजह से उनके विधानसभा चुनाव लडऩे को लेकर संशय की स्थिति बन गई है। मुख्यमंत्री से भी उनकी लगातार पटरी नहीं बैठ रही है। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि वे कहीं नाराजगी के चलते भाजपा से नाता तोडऩे तो नहीं जा रही है।
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