तीन तलाक पर चर्चा के दौरान बोले रविशंकर प्रसाद- मैं मोदी सरकार का मंत्री हूं न कि...
नई दिल्ली।
तीन तलाक पर चर्चा के दौरान गुरुवार को लोकसभा में इसके पक्ष में अपनी बातें रखते हुए केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह नरेन्द्र मोदी सरकार के मंत्री हैं न कि राजीव गांधी सरकार के। रविशंकर ने आगे कहा- “इस मामले पर फैसले के बाद 24 जुलाई तक तीन तलाक के 345 केस सामने आए हैं। क्या हम इन औरतों को सड़कों पर छोड़ दें? मैं नरेन्द्र मोदी सरकार का मंत्री हूं न कि राजीव गांधी सरकार का।”उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद भी तीन तलाक के मामले जारी रहने के कारण कानून की जरूरत पड़ी।
तीन तलाक का डीएमके ने किया विरोध
इससे पहले, द्रमुक की कनिमोई ने इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि महिलाओं को खुद तय करने दें कि उन्हें क्या चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं को इतनी चिंता है तो वह महिला आरक्षण पर विधेयक क्यों नहीं लाती, झूठी शान के नाम पर हत्याओं के खिलाफ कानून क्यों नहीं बनाती? कनिमोई ने कहा कि तीन तलाक से जुड़ा मुद्दा दीवानी है फिर इसमें तीन साल की सजा क्यों है?
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल मुस्लिम महिलाओं की चिंता है, हिंदू और ईसाई महिलाओं की चिंता क्यों नहीं है। बड़ी संख्या में हिंदू महिलाओं को छोड़ दिया जाता है। उनके लिए क्या प्रावधान हैं?
टीएमसी ने सदन से किया वॉकआउट
तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने विधेयक का समर्थन किया और कहा कि हम पूरी तरह महिला सशक्तीकरण के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मुस्लिम भी इस विधेयक का समर्थन करेंगे। लेकिन इस विधेयक में दोषी पति को तीन साल की सजा के प्रावधान का हम समर्थन नहीं करते। इस तरह की स्थिति में परिवार की देखभाल कैसे होगी। वह गुजारा भत्ता कहां से देगा। उन्होंने कहा कि सरकार को तीन साल की सजा वाले प्रावधान को हटा देना चाहिए। बंदोपाध्याय ने विधेयक को संयुक्त प्रवर समिति में भेजने की मांग की।
वाईएसआर कांग्रेस ने भी किया विरोध
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पी वी मिथुन रेड्डी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि हमारी पार्टी लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण के पक्ष में है लेकिन मौजूदा स्वरूप में इस विधेयक का विरोध करती है। उन्होंने भी तीन साल की कैद के प्रावधान पर सवाल खड़ा करते हुए सरकार से विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की।
शिवसेना ने कहा- स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा
शिवसेना के विनायक राउत ने कहा कि आज यह विधेयक पारित होने के बाद भारत के इतिहास में यह दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा जब हम इस क्रांतिकारी पहल के साक्षी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक माना, इसलिए 72 साल तक मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा से निजात नहीं मिली। राउत ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह मांग भी करते हैं कि कश्मीर के संबंध में अनुच्छेद 370 को भी समाप्त करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर बीजू जनता दल सरकार के साथ है। लेकिन सरकार को कुछ विषयों पर ध्यान देना चाहिए। विधेयक में यह स्पष्ट नहीं है कि दोषी पति जेल गया तो पत्नी को गुजारा भत्ता कैसे मिलेगा।
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