थानों में महिलाओं को मिलेगी तत्काल मदद, तुरंग होगी कार्रवाई

भोपाल
अब पुलिस थानों में पीड़ित महिलाओं को तत्काल मदद मुहैया कराई जाएगी साथ ही उनकी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 180 थानों में ऊर्जा (अरजेन्ट रिलीफ एण्ड जस्ट एक्शन) डेस्ट स्थापित किए गए हैं। ऊर्जा डेस्क में महिला पुलिस अधिकारी कार्य करेंगी। राजधानी भोपाल में पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने जहांगीराबाद में ऊर्जा डेस्क का शुभारंभ किया। ऊर्जा डेस्क के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर पीटीआरआई में ऋषि कुमार शुक्ला ने कहा कि ऊर्जा डेस्क का मकसद पीड़ित महिलाओं को त्वरित कार्यवाही के माध्यम से त्वरित न्याय दिलाना है। ऊर्जा डेस्क अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी एक्शन लेब (जे-पल), मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नालॉजी के मार्गदर्शन में कार्य करेगी।

ऊर्जा डेस्क विदिशा, रतलाम, इंदौर, भोपाल, बैतूल, सिवनी, बालाघाट, रीवा, जबलपुर, पन्ना, मुरैना एवं ग्वालियर सहित 12 जिलों के 180 थानों में आई पीड़ित महिलाओं की शिकायतें एवं समस्याएं सुनने के लिए पृथक रूप से हेल्प डेस्क स्थापित करना। ऊर्जा डेस्क स्थापित करने का उद्देश्य थाने में आई पीड़ित महिलाओं की अपेक्षाओं को पूरा कर सहायता करना है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा डेस्क स्थापित करने के लिए पुलिस विभाग संसाधनों एवं अधिकारियों सहित अन्य सहायता प्रदान करेगा।  शुक्ला ने कहा कि मुझे आशा है कि ऊर्जा डेस्क सब्र के साथ इस तरह कार्य करेगा कि भविष्य में दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम मिलें। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षुओं से कहा कि ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, एनजीओ एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से इस दिशा में कारगर प्रयास करें। पुलिस से जनता की अपेक्षाएं बहुत ज्यादा हैं जिस पर खरा उतरना है। उन्होंने आशा जताई कि ऊर्जा डेस्क से जुड़कर पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी और अधिक ऊर्जा एवं जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। जिसमें पुलिस मुख्यालय का पूरा सहयोग मिलेगा। प्रथम वर्ष इन 180 थानों में ऊर्जा डेस्क के कार्य करने के बाद प्राप्त हुए वैज्ञानिक डेटा के आधार पर महिला अपराधों एवं अपराध पीड़िताओं के बचाव के लिए आगे की नीति एवं कार्यवाही की योजना बनाई जाएगी। शुक्ला ने जे-पल के प्रोफेसर्स, मास्टर ट्रेनर्स तथा ऊर्जा डेस्क से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं।