दिसंबर तक आ जाएगा भोपाल का मास्टर प्लॉन

दिसंबर तक आ जाएगा भोपाल का मास्टर प्लॉन

भोपाल
लंबे समय से अटका भोपाल का मास्टर प्लान इस साल के अंत तक आ जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्री जयवर्धन सिंह ने आज यह बात कही। गौरतलब है कि इस साल के आखिरी में नगर निगम के चुनाव हैं। सरकार की मंशा है कि अटका हुआ मॉस्टर प्लान इस साल लागू हो जाए। बताते चलें कि प्रदेश में 15 साल भाजपा की सरकार रही। तीन मुख्यमंत्री बदले पर मास्टर प्लान लागू नहीं हो सका। अक्टूबर व नवंबर तक फाइनल ड्राफ्ट आने की उम्मीद है।
भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट नवंबर तक जारी हो सकता है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मास्टर प्लान की तैयारियां इस तरह से कर रहा है कि नगरीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले ड्राफ्ट जारी किए जा सके। इसके पहले ड्राफ्ट के जून तक जारी होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन बाद में तालाब के कैचमेंट एरिया के भोपाल जिले ऐसे गांव जो अब तक प्लानिंग एरिया से बाहर थे उन्हें भी प्लानिंग एरिया में शामिल करने का निर्णय हो गया। इन गांवों को प्लानिंग एरिया में शामिल करने की प्रक्रिया में करीब तीन महीने लगेंगे। इसके लिए अधिसूचना जारी होगी और इस पर भी दावे- आपत्ति बुलाई जाएगी।

2006 से कब, क्या हुआ
ल्ल 31 दिसंबर 2005 : मौजूदा प्लान की अवधि समाप्त। 2021 तक के लिए नए प्लान का मसौदा तैयार करने की कवायद शुरू हुई।
ल्ल वर्ष 2008 : मास्टर प्लान 2021 तैयार कर लिया, लेकिन जारी नहीं किया गया।
ल्ल 29 अगस्त, 2009 को मास्टर प्लान 2021 जारी ।
ल्ल  आपत्ति के बाद 19 अप्रैल 2010 को मसौदा रद्द।
ल्ल 13 सितंबर 2010 को नया मास्टर प्लान 2031 तैयार करने के आदेश हुए, यह ड्राफ्ट फाइलों से बाहर नहीं आया।
ल्ल 21 फरवरी 2017 को एक और समिति का गठन हुआ। पर आगे काम नहीं हो पाया।
ल्ल 2018 प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद एक बार फिर मास्टर प्लान की कवायद हुई
ल्ल मई 2019 में प्रमुख सचिव ने पूरी समीक्षा की।

लैंड यूज की स्थिति
लैंड यूज                   1991    2005
आवासीय                  40       46
वाणिज्यिक               04       3.7
औद्योगिक                 11       7.9
पब्लिक-सेमी पब्लिक  12       7.2
पब्लिक उपयोग          2.8      2.8
रिक्रिएशन                 14      16.7
ट्रांसपोर्टेशन                16      14.8
(नोट- प्लानिंग एरिया 823 वर्ग किमी। ड्राफ्ट 2021 का लैंडयूज नहीं है।)