फिर चर्चा में बलिया के डीएम, कालर पकड़कर दुर्व्यवहार करने से आहत एआरएम ने दिया इस्तीफा
बलिया
बलिया के डीएम भवानी सिंह खंगारौत एक बार फिर चर्चा में हैं। उन पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए राज्य सड़क परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस्तीफा दे दिया। एआरएम ने डीएम पर परिवहन निगम के ऑफिस में कॉलर पकड़ने और जातिसूचक शब्द बोल अपमानित करने का भी आरोप लगाया है। डीएम ने दुर्व्यवहार के आरोपों का खंडन किया है। वहीं जिलाधिकारी ने भी एआरएम पर फोन रिसीव नहीं करने और कार्य के प्रति उदासीनता दिखाने का आरोप लगाते हुए परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। इससे पहले बसपा नेता मदन राम ने भी उन पर दर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। बाद में डीेएम ने लेटर जारी कर सार्वजनिक रूप से बसपा नेता से माफी मांग ली थी। इससे पहले भी कई मामलों में खंगारौत चर्चा में रहे हैं।
एआरएम ने लिखा है कि कैदियों को आजमगढ़ भेजने के लिए डीएम की ओर से 15 बसों की मांग की गई थी। 15 बसों को चालक-परिचालक के साथ मैंने जिला कारागार भेज दिया। खुद भी वहां गया था। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे डीएम मेरे आफिस में आए और मेरा कॉलर पकड़कर घसीटते हुए बोलेरो में बैठा दिया और जिला कारागार ले गये। अनुसूचित जाति का हूं लिहाजा डीएम ने मुझे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। इससे आहत होकर मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
वहीं, जिलाधिकारी का कहना है कि जिला कारागार भेजी गई बसों में व्यवस्थाएं ठीक नहीं थी। एआरएम फोन नहीं उठा रहे थे। मैं उनके ऑफिस में गया था। उनको अपने साथ लेकर जिला कारागार गया। उसके बाद व्यवस्थाएं ठीक हुईं। मैंने उनसे कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। उधर, इस बारे में आजमगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने कहा कि मुझे भी एआरएम बिंदु प्रसाद का मेल आया था। उसके बाद मैंने फोन कर उनसे जानकारी ली। वो घटना को लेकर आहत थे। मैंने उन्हें समझाने का प्रयास किया। अंतिम फैसला एमडी साहब को करना है।
वहीं कमिश्नर कनक लता त्रिपाठी का कहना है कि मेरे पास बलिया डीएम का फोन आया था। उन्होंने कहा कि पर्याप्त बसें परिवहन निगम से नहीं मिल पा रही हैं।मैंने आरएम से बात की तो उन्होंने बसें उपलब्ध कराने की जानकारी दी और कहा और भी ज़रूरत होगी तो उपलब्ध करा दी जाएगी। मेरी जानकारी में डीएम बलिया का अन्य प्रकरण नहीं है। आपने बताया है तो मैं जांच कराके डीएम बलिया से भी स्पष्टीकरण लूंगी।
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