पीएम मोदी की सलाह पर अब तमाम मंत्री सुबह साढ़े 9 बजे ही पहुंचने लगे हैं दफ्तर

पीएम मोदी की सलाह पर अब तमाम मंत्री सुबह साढ़े 9 बजे ही पहुंचने लगे हैं दफ्तर

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के बाद तमाम मंत्री अपने कार्यक्रमों को दोबारा तय कर रहे हैं ताकि वे सुबह साढ़े 9 बजे दफ्तर पहुंच सकें। अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने सार्वजनिक कार्यक्रमों को दोबारा तय किया ताकि वह साढ़े 9 बजे अपने ऑफिस पहुंच सकें। इसी तरह उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान भी उसी वक्त पर दफ्तर पहुंचे और अपने अहम सचिवों के साथ सुबह की दैनिक बैठक की। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि तमाम मंत्री अब समय से ऑफिस पहुंचने को प्राथमिकता देने लगे हैं और घर से ही ऑफिस का काम करने से बच रहे हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रियों को समय से अपने दफ्तर पहुंचने और ऑफिस का काम घर से करने से बचने की सलाह दी है। कुछ ऐसे भी मंत्री हैं जो सिर्फ अपने पुराने रूटीन को फॉलो कर रहे हैं क्योंकि वे पहले भी समय पर दफ्तर में मौजूद रहा करते थे। केंद्रीय स्वास्थ्य और विज्ञान मंत्री हर्षवर्धन और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर भी अपने-अपने मंत्रालयों में सुबह साढ़े 9 बजे से पहले ही पहुंचने की अपनी-अपनी परंपरा को निभा रहे हैं।

नए कैबिनेट मंत्रियों में जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कई जूनियर मंत्री भी पहले ही दिन से सुबह साढ़े 9 बजे से काम शुरू कर दे रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि राम विलास पासवान ने अपने विभाग को निर्देश दिया है कि उनके रूम में एक बड़ी स्क्रीन वाला डैशबोर्ड लगाया जाए जिस पर अपडेटेड सूचनाएं मिलें जो माउस से सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर हो। पता चला है कि नकवी का स्टाफ तो साढ़े 9 बजे से पहले ही दफ्तर आ जाता है। सूत्रों के मुताबिक, पहले नकवी अपने आवास पर 10 बजे तक लोगों से मिलते थे और उसके बाद अपने दफ्तर पहुंचते थे।

इसी तरह, पहली बार केंद्रीय मंत्री बने अर्जुन मुंडा (आदिवासी मामले) भी समय पर दफ्तर पहुंच रहे हैं। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही उनका स्टाफ काफी व्यस्त है। वह योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और सरकार के 100 दिनों के रोडमैप पर काम कर रहे हैं।

इससे पहले, टाइम्स ऑफ इंडिया ने 13 जून को रिपोर्ट दी थी कि किस तरह पीएम मोदी ने खुद का उदाहरण देते हुए बताया था कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो नौकरशाहों से पहले ही ऑफिस पहुंच जाया करते थे। उसके बाद से सभी सीनियर मंत्रियों ने संबंधित विभागों में अपने-अपने जूनियर मंत्रियों के कामों का बंटवारा कर दिया है और उन्हें अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। सीनियर मंत्रियों ने ऐसा इसलिए किया ताकि जूनियर मंत्री यह जान सकें कि सरकार कैसे काम करती है और उन्हें यह न लगे कि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। अब सभी फाइलें जूनियर मंत्रियों से होकर गुजरेंगी, जिससे उन्हें काम करने का पर्याप्त मौका मिलेगा।