साल भर में फर्राटा भरेंगी नैनो से लेकर मर्सडीज ई-कार
वायु प्रदूषण में लगातार हो रहे इजाफे और पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों के मद्देनजर भारत ही नहीं, दुनिया भर की सरकारें इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रही हैं। ज्यादातर देशों ने 2025 से 2030 के बीच पेट्रोल-डीजल वाहनों का उत्पादन बंद करने का लक्ष्य तय कर रखा है। देश में साल भर के भीतर नैनो से लेकर मर्सडीज और ऑडी तक की ई-कारें सड़क पर फर्राटा भरती नजर आ सकती हैं।
1902 में आई थी पहली ई-कार : अमेरिका की ‘स्टूडबेकर ऑटोमोबाइल कंपनी’ ने 1902 में बाजार में पहली इलेक्ट्रिक कार उतारी थी। हालांकि सीमाओं के चलते इसकी बिक्री रफ्तार नहीं पकड़ पाई।
सरकारी पहल : केंद्र सरकार ने ई-वाहनों से जुड़ी सस्ती और स्वदेशी तकनीक पर शोध का 60 फीसदी खर्च खुद उठाने का फैसला किया, ई-वाहनों की खरीद पर सब्सिडी देने के साथ ही रोड टैक्स, पंजीकरण शुल्क माफ करने और टोल टैक्स-पार्किंग सेवा मुफ्त देने की योजना
दुनिया में स्थिति
* 2018 में दुनिया भर की सड़कों पर दौड़ने वाला हर 300वां वाहन ई-कार था।
* 40 लाख तक पहुंच गई सालाना बिक्री, 2017 में यह 30 लाख के करीब थी।
* 1.5% हो गई कुल मोटर वाहन बाजार में ई-कारों की हिस्सेदारी, 2017 में 1.3% थी।
22% तक पहुंच सकती है वैश्विक कार बिक्री में ई-कारों की हिस्सेदारी 2030 तक
भारत की सूरत
* 1.29 लाख से अधिक दुपहिया-चौपहिया ई-वाहन बिके 2018-19 में।
* 2.77% यानी 3600 के लगभग थी कुल बिक्री में ई-कारों की हिस्सेदारी।
* 0.162% के करीब है यह आंकड़ा इस अवधि में देश में बिकी कारों का।
* 4% तक कुल वाहन बिक्री में ई-वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य है 2023 तक।
भारत में अभी उपलब्ध ई-कार
कार एक्स शोरूम कीमत (रुपये में)
हुंदै कोना 23.50 लाख
टाटा टिगोर ईवी 9.99 से 10.9 लाख
र्मंहद्रा ई2ओ प्लस 7.57 से 11.27 लाख
र्मंहद्रा ई-वेरिटो 9.5 से 10 लाख
जल्द खत्म होगा इंतजार
कार संभावित कीमत
ऑडी ए3 ई-ट्रॉन 1.5 करोड़
मर्सडीज-बेंज ईक्यूसी 65 लाख
टाटा नैनो इलेक्ट्रिक 5 से 6 लाख
टाटा टियागो 6 से 7 लाख
महिंद्रा ईकेयूवी100 8 लाख
कैब सेवाएं भी हुईं लॉन्च
* जून 2019 में ब्लू-स्मार्ट मोबिलिटी ने दिल्ली-एनसीआर में 70 महिंद्रा ई-वेरिटो से लैस ई-कार सेवा लॉन्च की, अप्रैल 2020 तक बेड़े में 500 ई-कार शामिल करने की योजना।
* जुलाई 2018 में महिंद्रा इलेक्ट्रिक ने कार-रेंटल कंपनी ‘जूमकार’ से करार किया।
नॉर्वे इस्तेमाल में आगे
* 2018 में नॉर्वे में बिकने वाली हर तीसरी कार ई-कार थी, 296215 ई-कार की बिक्री हुई इस दौरान।
* 49.1% तक पहुंच गई इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी नॉर्वे की सड़कों पर दौड़ने वाले कुल वाहनों में।
* 98% बिजली पनबिजली संयंत्रों से पैदा होती है, इसलिए यहां ई-कारें चलाना सबसे ईको-फ्रेंडली।
2018 में इन देशों ने भी जमकर अपनाया
स्वीडन में 8.2 प्रतिशत
आइसलैंड में 19 प्रतिशत
नीदरलैंड में 6.5 प्रतिशत
फिनलैंड में 4.7 प्रतिशत
फिनलैंड में 4.2 प्रतिशत
पर चीन सबसे बड़ा बाजार
* 62% अधिक ई-कारें चीन में 2018 में बिकीं 2017 के मुकाबले।
* 49% वृद्धि दर्ज की गई अमेरिका में ई-कारों की बिक्री में इस दौरान।
(नोट : आंकड़े सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक वेहिकल्स, यूरोपियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और हाइब्रिड कार्स डॉट कॉम की रिपोर्ट पर आधारित।)
चुनौतियों का पहाड़
* कीमत: 9 से 10 लाख है भारत में ई-कार की शुरुआती कीमत, जबकि पेट्रोल-डीजल कार औसतन 4.5 से 5.5 लाख में उपलब्ध।
* रफ्तार : 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती हैं ई-कार, पेट्रोल-डीजल कार 300 किमी प्रति घंटे गति हासिल कर सकती हैं।
* क्षमता: अभी उपलब्ध ई-कारें चार घंटे चार्ज करने पर औसतन 100 किलोमीटर का सफर तय कर पाती हैं।
* चार्जिंग स्टेशन : 150 चार्जिंग स्टेशन अभी मौजूद, बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के साथ अक्षय उर्जा का प्रयोग बढ़ाना होगा।
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