सोयाबीन और उड़द की फसल में रोग लगने से किसान चिंतित
हरदा
मौसम में लगातार बनी हुई नमी के कारण हरदा जिले कि खेतों में खड़ी सोयाबीन और उड़द की फसल प्रभावित हो रही है. जिले के रहटगांव, हंडिया और सिराली तहसील के कई गांवों में हजारों एकड़ में लगी सोयाबीन और उड़द की फसल बीमारी लगने से सूख रही है. सोयाबीन में स्टेम फ्लाई, पीला मोजेक और उड़द में वेबलाइट रोग लग गया है, जिससे 30 हजार एकड की फसल पर संकट मंडरा रहा है. परेशान किसान खराब हुई फसल को उखाड़ रहे हैं, ताकि सही फसल को बचा सके. किसानों ने इसके लिए प्रशासन से सर्वे की मांग की है.
हरदा जिले में अच्छे उत्पादन की आस लगाए किसानों की उम्मीदों ने मौसम ने पानी फेर दिया ह . जिले में इस साल एक लाख 30 हेक्टेयर में सोयाबीन और लगभग 40 हजार हेक्टेयर में उड़द की बुवाई की गई थी. धूप नहीं निकलने और खेतों में पानी भरने से सोयाबीन और उड़द की फसल रोग की चपेट मे आ गयी है. तना चूसक नाम की बीमारी से सोयाबीन और उड़द के पौधे सूख रहे हैं. किसानों का कहना है कि कीटनाशकों का छिड़काल भी इन इल्लियों और बीमारियों पर बेअसर साबित हो रहा है. उन्होंने बताया कि पहले फसल की बीमा राशि कम मिली और अब फसल खराब होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना भी करना पड़ेगा.
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव शेलेंद्र गुर्जर ने बताया कि मौसम के प्रभाव से आर्थिक मुसीबत ने आये किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा ने सात दिनों में सर्वे शुरू नहीं किया तो वे किसानों के साथ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. मामले में कृषि विभाग के सहायक संचालक का कहना है कि अभी किसानों को फसल के प्रभाव से आर्थिक नुकसान की शिकायत नहीं आई है. विभाग जिले में लगातार फसलों का निरीक्षण कर रहा है और इसकी रिपोर्ट आलाधिकारियों को भेज दी गई है.
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