एक निजी कार्यक्रम में सुनील अरोड़ा ने इसके स्पष्ट संकेत दिए
भोपाल। मध्य प्रदेश की 26 विधानसभा सीटों पर सितंबर अंत तक उपचुनाव कराए जाएंगे। देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सोमवार को एक निजी कार्यक्रम में इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं। इधर, राज्य का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहले से उपचुनाव की तैयारी में जुटा है। चुनाव आयोग अगले माह उपचुनाव की विधिवत घोषणा कर सकता है।

कोरोना महामारी के चलते देशभर में विधानसभा चुनाव और उपचुनाव टलने की आशंकाओं को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा है कि ऐसी परिस्थितियों में भी चुनाव समय से होंगे। यदि कोरोना संक्रमण की स्थिति बिगड़ती है, तो संबंधित एक-दो सीट को लेकर कोई निर्णय लिया जा सकता है, पर चुनाव आगे नहीं बढ़ेंगे। अरोड़ा के इस बयान से मप्र की 26 सीटों पर होने वाले उपचुनाव की स्थिति साफ हो गई है।
इस घोषणा के बाद उपचुनाव को लेकर शासन और राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ जाएंगी। भोपाल में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अरुण तोमर का कहना है कि उपचुनाव से संबंधित हमारी पूरी तैयारी है। आयोग जब कहेगा, तब चुनाव करा सकते हैं। सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों ने दिए इस्तीफे मप्र में नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे। मार्च 2020 में राजनीतिक कारणों से 22 कांग्रेस विधायकों ने राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में विधायकी से इस्तीफा दे दिया।
इस कारण कमल नाथ सरकार गिर गई और भाजपा ने सरकार बनाई। दो सीटें विधायकों के निधन के कारण पहले से खाली हैं, तो दो सीट हाल ही में कांग्रेस के मलहरा से विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी और नेपानगर से विधायक सुमित्रा कास्डेकर के विधायकी छोड़ने के कारण खाली हुई हैं। दोनों ने कांग्रेस का दामन भी छोड़ दिया है और भाजपा में शामिल हो गए हैं। इस तरह कुल 26 सीटों पर अहम उपचुनाव होंगे।
24 विधायकों ने दिए इस्तीफे
ग्वालियर से प्रद्युम्न सिंह तोमर, सुरखी से गोविंद सिंह राजपूत, मुरैना से रघुराज सिंह कंषाना, अम्बाह से कमलेश जाटव, भांडेर से रक्षा संतराम सिरौनिया, अशोकनगर से जजपाल सिंह जज्जाी, डबरा से इमरती देवी, सांची से डॉ. प्रभुराम चौधरी, सांवेर से तुलसीराम सिलावट, पोहरी से सुरेश धाकड़, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, मेहगांव से ओपीएस भदौरिया, गोहद से रणवीर जाटव, दिमनी से गिर्राज दंडोतिया, करैरा से जसमंत जाटव, सुवासरा से हरदीप सिंह डंग, ग्वालियर पूर्व से मुन्नालाल गोयल, मुंगावली से बृजेंद्र सिंह यादव, बदनावर से राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, अनूपपुर से बिसाहूलाल सिंह, सुमावली से ऐदल सिंह कंषाना, हाटपीपल्या से मनोज चौधरी ने राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में मार्च माह में ही विधायकी छोड़ दी थी। वहीं प्रद्युम्न सिंह लोधी और सुमित्रा कास्डेकर हाल ही में त्यागपत्र दिए हैं। जबकि मुरैना की जौरा विधानसभा सीट बनवारी लाल शर्मा और आगर-मालवा सीट भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन से रिक्त हैं।