तवा नदी से खुलेआम हो रहा है रेत का अवैध परिवहन

तवा नदी से खुलेआम हो रहा है रेत का अवैध परिवहन

खनिज अधिनियम की हो रही अनदेखी

डीएफओ ने कहा होगाी कार्रवाही

abdul rahman सारनी। तवा नदी से खुलेआम रेत का उत्खनन कर रिजर्व वन भुमि से अवैध परिवहन का कारोबार चल रहा है। राजस्व एवं वन भूमि से रेत का उत्खनन एवं परिवहन मे वन एवं माइनिंग विभाग की मिली भगत बताई जा रही है। डीएफओ के संज्ञान मे आने के बाद कार्रवाही की बात कही है। परंतु डीएफओ छुटटी पर होने की वजह से लीपापोती चल रही है। रिजर्व फारेस्ट की जमीन से वाहनो की आवाजाही से पेड़ो को भी खासा नुकसान हो रहा है। रेत से भरे भारी वाहनो की आवाजाही से ग्रामीण क्षेत्र मे बनी सड़के खराब होने लगी है। [caption id="attachment_6" align="alignnone" width="300"] bhavtarini[/caption] बताया जाता है कि लोनिया पंचायत की तवा नदी से रेत का ठेका हुआ है। रेत निकालने का काम वन भुमि से किया जा रहा है। बताया जाता है कि खैरवानी पंचायत की तवा नदी से छिंदवाड़ा जिले के रेत माफिया रेत का परिवहन कर रहे है। इस बात की जानकारी माइनिंग एवं वन विभाग अधिकारी को होने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाही नही हुई है। ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि रेत के अवैध कारोबार मे रेत माफियो को राजनैतिक सरंक्षक होने की वजह से माइनिंग विभाग अवैध उत्खनन एवं परिवहन मे कार्रवाही नही कर रहा है। बताया जाता है कि बाकुड़ एवं जामखोदर की नदियो से रेत एवं बोल्डर के अवैध उत्खनन मे दर्जनो टे्रक्टर ट्राली लगे है। रेत के अवैध कारोबार मे लगे रेत माफियो को माइनिंग विभाग मे तगड़ी सेंटिंग होने की वजह से माइनिंग टीम के आने से पहले जानकारी आसानी से मिल जाती है। जिसकी वजह से एक भी वाहन माइनिंग विभाग की टीम के हाथ नही लगे है। ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने जिला कलेक्टर एवं माइनिंग अधिकारी से अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले प्रभावी कार्रवाही की मांग की है।