बिहार के 72 हजार स्कूलों में चलाया गया नामांकन अभियान प्रवेशोत्सव

बिहार के 72 हजार स्कूलों में चलाया गया नामांकन अभियान प्रवेशोत्सव
पटना, राज्य के करीब 72 हजार स्कूलों में मंगलवार को विशेष नामांकन अभियान प्रवेशोत्सव को लेकर विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक व समुदाय में जनजागरण अभियान चलाया गया।

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जागत गांव डाट काम

बुधवार 10 मार्च से पहली से 9वीं कक्षा में सरकारी स्कूलों में स्कूल से बाहर रहने वाले अनामांकित, पढ़ाई बीच में छोड़ चुके (ड्रापआउट) बच्चों की घर-घर जाकर पहचान कर दाखिला आरंभ हो जाएगा। इस कार्य में शिक्षकों, हेडमास्टरों के साथ ही शिक्षा सेवी, आंगनबाड़ी सेविकाएं और जीविका की दीदियां जुट जाएंगी। हालांकि प्रवेशोत्सव को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जिलों को जारी मौजूदा निर्देश दो कक्षाओं विशेषकर 9वीं और छठी में नामांकन में बाधक बनेगा। खासतौर से प्राथमिक विद्यालय से पांचवीं उत्तीर्ण कर मध्य विद्यालय में और मध्य विद्यालय से आठवीं उत्तीर्ण होकर नजदीक के हाईस्कूल में दाखिला आसान नहीं होगा, क्योंकि इन दोनों ही कक्षाओं के विद्यार्थियों को टीसी की दरकार होगी। विभाग ने 9वीं में नामांकन के लिए इसे अनिवार्य भी किया है जबकि बच्चे विधिवत अभी छठी और आठवीं समेत अन्य कक्षाओं में प्रोन्नत घोषित नहीं हुए हैं। गौर हो कि कोरना काल में स्कूलबंदी की वजह से विभाग ने पहली से ग्यारहवीं (दसवीं छोड़) के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा प्रोन्नत करने का सैद्धांतिक निर्णय ले लिया है। इस आशय का आदेश नहीं मिलने से स्कूलों के हेडमास्टर ऊहापोह में हैं। उनकी समस्या यह है कि जब बच्चे पांचवीं या आठवीं उत्तीर्ण घोषित नहीं हुए हैं तो उनकी टीसी कैसे स्कूल से काटी जाए। टीसी नहीं होगी तो छठी और 9वीं में दाखिला कैसे होगा। शिक्षा विभाग ने प्रवेशोत्सव की शुरुआत के पहले ही इस समस्या को गंभीरता से समझा है। मंगलवार को ही शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को इस समस्या का समाधान तत्काल करने के लिए अग्रेतर कार्रवाई करने को कहा है। शिक्षा मंत्री ने हिंदुस्तान को बताया कि किसी भी बच्चे का कैरियर प्रभावित नहीं, इसको लेकर हमलोग सजग हैं। जल्द ही इसका समाधान होगा।