कहा विपक्ष ने भाजपा नेताओं पर किया 'मारण शक्ति' का प्रयोग
भोपाल। मध्यप्रदेश की भोपाल सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बोल भाजपा के लिए अक्सर परेशानी का सबब बनते हैं। प्रज्ञा के विवादित बोल से भाजपा एक बार फिर कटघरे में आ गई है।
बावजूद इसके सोमवार पार्टी के दिवंगत नेताओं की श्रद्धांजलि सभा में प्रज्ञा के विवादित बयान से किनारा नही करने पर कांग्रेस ने भाजपा को भी आड़े हाथ लिया है। कांग्रेस के एक नेता ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रज्ञा ठाकुर भाजपा के लिए एक दिन भस्मासुर बन जाएंगी।
पार्टी के दो दिवंगत नेताओं पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कहा कि उन्हें कुछ दिन पहले एक साधु ने विपक्ष के प्रति यह कहते हुए आगाह किया था कि विपक्ष द्वारा भाजपा नेताओं पर ‘मारक शक्ति’ का प्रयोग किया जा रहा है।” लोकसभा चुनाव के चलते तब इस बात को गंभीरता से नही लिया था, लेकिन अब पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं के असमय निधन से उन्हें लगने लगा है कि उन्हें क्यों विपक्ष के प्रति आगाह किया गया था। हालांकि पार्टी के कई नेताओं ने उनके इस बयान पर अपनी असहमति जताई है। सोशल मीडिया पर बन रहे मजाक और पैदा हुए विवाद पर सफाई देने की गरज से प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह भी यह कहने से नही चूके है कि इस इस बयान को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। वही दूसरी ओर कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के इस कथन को घोर आपत्तिजनक, निंदनीय और मूर्खतापूर्ण बताया है। इस दौरान यह कहने से भी परहेज नही किया कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हमेशा प्रज्ञा के आपत्तिजनक बयानों पर, उन्हें केवल चेतावनी देकर छोड़ देता है और कोई कार्यवाही नहीं करता है, इससे साफ जाहिर है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व भी पूरी तरह से, प्रज्ञा को अपना समर्थन और संरक्षण देते हुए उनके पक्ष में मजबूती से खड़ा है। यहां बता दें कि प्रज्ञा इसके पहले शहीद करकरे और इसके बाद गोडसे के गुणगान को लेकर विवादों में रह चुकी है। इसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक की आलोचना का शिकार होना पड़ा है।
दिवंगतों का बनाया मजाक
इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने प्रज्ञा के बयान की निंदा करते हुए कहा कि मालेगांव बम ब्लास्ट के आरोप में जमानत पर रहने के बाद भी वह अपने उलज़लुल बयानों से न केवल प्रदेश को शर्मसार कर रही है अपितु भाजपा की भी लगातार किरकिरी करवा रही है। मुंबई बम ब्लास्ट में शहीद पुलिस अफसर हेमंत करकरे की शहादत का के पीछे खुद का श्राप बताने के बाद वज राष्ट्र पिता बापू के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त और प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु को अपराधी बता चुकी है। ऐसे में भाजपा को तो तत्काल साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।भले मोदी जी ने उन्हें मन से माफ कर दिया हो लेकिन उनके इस तरह के उलज़लुल बयानों के कारण देश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं कर सकती। वही मीडिया उपाध्यक्ष अभय दुबे ने कहा कि
प्रज्ञा ठाकुर ने हिन्दू धर्म की मूल भावनाओं को भी बुरी तरह ठेस पहुँचाई है । हिन्दू धर्म विश्व का सबसे सहिष्णु धर्म है। हिन्दू धर्म रूढ़ियों की बेड़ियों से नही बंधा है । वो प्रगतिवादी है ,अंधविश्वासी नहीं है । जब सांसद ही इतने अंधविश्वास और अमानवीय रूढ़ियों का पक्षधर हो तो अब समय आ गया है कि देश की संसद ब्लैक मैजिक और सुपरस्टिशन के खिलाफ़ एक सख़्त कानून बनाए ।