shailendra mishra
भिण्ड। शराब फेक्टरी से निकलने वाला दुषित व केमिकल युक्त पानी बीहड के रास्ते सीधा क्वारी नदी में छोड़ा जा रहा है, लेकिन इस ओर अब तक किसी का ध्यान नहीं गया है। इससे नदी का पानी पुरी तरह दुषित हो चला है और यहां जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी संकट मडऱाने लगा है। इस पूरे मामले का खुलासा करने के लिए विशेष पड़ताल की और घंटों की मेहनत के बाद शराब फेक्टरी से निकलने वाले उस ठिकाने को भी खोज निकाला जिस रास्ते से दूषित जल फेक्टरी से बाहर निकालकर नदी में छोड़ा जा रहा है। यह शराब फेक्टरी नेशनल हाईवे-92 पर इटावा रोड ग्राम डिडी के पास बीहड़ के समीप है और इस फेक्टरी से क्वारी नदी की दूरी करीब 500 मीटर है। बीहड के रास्ते ही फेक्टरी का वेस्टेज वॉटर नदी में डाला जा रहा है। उधर इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि फेक्टरी से छोड़े जा रहे इस दूषित जल का अगर मवेशी व जगली जानवर सेवन कर लेते हैं तो अचानक उनकी तबियत बिगड़ जाती हैं और कई बार तो यह अपनी जान भी गवां बैठे हैं।
ठिकाना खोजने के लिए उतरना पड़ा बीहड में
यह शराब फेक्टरी बीहड से घिरी हुई है और इस फेक्टरी से निकलने वाले वेस्टेज वॉटर के ठिकाने को खोजना आसान काम नहीं था, लेकिन इस चुनौती को स्वीकार किया और पूरी फेक्टरी परिसर का बड़े ही गोपनीय तौर पर बाहर से जायजा लिया। इस दौरान फेक्टरी का जायजा लेने के लिए बीहड में उतरना पड़ा और घंटों बीहड के इन ऊंचे नीचे रास्ते पर पैदल चलकर पसीना बहाया और अंत में उस ठिकाने को खोज निकाला जहां से फेक्टरी का वेस्टेज वॉटर निकालकर बीहड से होते हुए क्वारी नदी में डाला जा रहा है।
सुरक्षा को भी रखना था ध्यान में
हमारी टीम को सूचना थी कि फेक्टरी के आसपास किसी को जाने की इजाजत नहीं है और प्रबंधन इस पर कड़ी नजर रखता है। इसकों को ध्यान में रख स्वमं की सुरक्षा भी जरूरी थी। ऐसे में टीम पहले फेक्टरी के गेेट पर आम नागरिक बनकर पहुंची और पूरी स्थिति का जायजा लिया और उसके बाद आगे बढ़कर अपनी पड़ताल शुरू की। इस दौरान बाहर की ओर से फेक्टरी का जायजा लेने के लिए रास्ते की खोज की, लेकिन कहीं से भी वह रास्ता नजर नहीं आया जहां से अपनी पड़ताल की शुरूआत की जा सके। उसके बाद टीम को बीहड में उतर के लिए मजबूर होना पड़ा। इस पूरी पड़ताल का वीडियो हमारे पास सुरक्षित है।
अंत में फेक्टरी के पीछे मिला ठिकाना
इस शराब फेक्टरी का चारों ओर से जायजा लिया गया और अंत में यह वेस्टेज वॉटर छोडऩे वाला ठिकाना फेक्टरी के पीछे बीहड में मिला। यहां एक गोपनीय नाला बनाकर नदी में पानी छोड़ा जा रहा है और यह नाला बीहड के रास्ते होकर नदी तक गया है और इसी के जरिए यह दूषित व केमिकल युक्त पानी नदी में गिर रहा है।
जहरीले पानी से जमीन हो रही बंजर
यह बात भी सामने आई कि इस शराब कारखाने से छोड़ा जा रहा वेस्टेज वॉटर इतना जहरीला है कि इसको निकालने के लिए बनाए गए नाले के आसपास जमीन बंजर व क्षारीय होती जा रही है और यहां इतनी दुर्गन्ध उड़ती मिली की यहां 10 मिनट भी रुक पाना मुश्किल था। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से फेक्टरी प्रबंधन द्वारा पर्यावरण विभाग और जल प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड का मखौल उडाया जा रहा है और इस पर किसी का ध्यान ही नहीं है। और सबसे बड़ी बात यह है कि जिला प्रशासन भी इन सबसे अंजान बना बैठा है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग भी किसी तरह का कदम उठाने की स्थिति में नहीं है।
नदी को भी कर रहे दूषित
इस मामले में यह बात सामने आई कि इस शराब फेक्टरी से छोड़ा जा रहा दूषित जल सीधा नदी में डाला जा रहा है और नदी को दूषित किया जा रहा है। आगे भी यह जारी रहा तो नदी का पानी उपयोग में लेने लायक नहीं रहेगा ओर इसका असर अभी से ही देखने को मिल रहा है। यहां जंगली जीव व मवेशी इस दूषित जल को पीकर काल के गाल में तो समा रहे हैं वहीं नदी का पानी खेतों मेंं सिंचाई के लिए उपयोग में लिए जाने पर फसलों को भी नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं इससे नदी के जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडऱाने लगा है।
इनका कहना है:
मामला संज्ञान में आ गया है इस तरह नदी व अन्य जलाशयों में फेक्टरी का वेस्टेज वॉटर नहीं छोड़ा जा सकता है। एसडीएम को मौके का निरीक्षण करने के लिए भेजा जाएगा। गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-तरुण भटनागर, अपर कलेक्टर भिण्ड।