गिरफ्तारी के एक महीने बाद अमित जोगी को मिली हाईकोर्ट से जमानत
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को बड़ी राहत मिल गई है. चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने के आरोप में फंसे अमित जोगी को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है. गिरफ्तारी के तकरीबन एक महीने बाद जूनियर जोगी को कोर्ट से बेल (Bail) मिला है. बता दें कि बीजेपी नेत्री समीरा पैकरा ने अमित जोगी के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके बाद 3 सितंबर को बिलासपुर से उनकी गिरफ्तारी हुई थी. पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट जस्टिस आरसीएस सामन्त के सिंगल बैंच ने फैसले को सुरक्षित रखा था. फिलहाल, अमित जोगी अभी न्यायिक रिमांड में गौरेला उपजेल में हैं.
बिलासपुर से हुई थी गिरफ्तारी
हलफनामे में जन्म स्थान की गलत जानकारी देने के मामले में फंसे अमित जोगी को पुलिस ने बिलासपुर के सरकारी निवास मरवाही सदन से गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने अमित जोगी की न्यायिक हिरासत बढ़ा कर 30 सितंबर कर दी थी. गोरखपुर जेल में दो बार इनकी बिगड़ भी बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रायपुर तक लाया गया था. बता दें कि अमित जोगी के खिलाफ गौरेला में 420 का मामला दर्ज किया गया था.
इस मामले में फंसे थे जूनियर जोगी
बता दें, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2013 में मरवाही विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा ने सबसे पहले अमित जोगी की नागरिकता, जन्म स्थान और जन्मतिथि को लेकर सवाल उठाए थे. इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे अमित जोगी को भारी बहुमत से जीत मिली थी. समीरा पैकरा की शिकायत के मुताबिक अमित जोगी ने निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथपत्र में अपना जन्म स्थान गलत बताया था. चुनाव हारने के बाद समीरा ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अमित जोगी की जाति एवं जन्म तिथि को चुनौती दी थी.
हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद 2019 में समीरा पैकरा ने बिलासपुर के गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई थीं. इसमें समीरा ने आरोप लगाया कि अमित जोगी ने विधानसभा चुनाव 2013 के दौरान दिए गए शपथ पत्र में अपना जन्म वर्ष 1978 में ग्राम सारबहरा गौरेला में होना बताया है. जबकि उनका जन्म वर्ष 1977 में टेक्सास, अमेरिका में हुआ है. इसी मामले में अमित जोगी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था.
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