नान घोटाला, बयानों से मुकरने वाले अधिकारी तलब

नान घोटाला, बयानों से मुकरने वाले अधिकारी तलब

रायपुर
 छत्तीसगढ़ के चर्चित नान घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू अपना शिकंजा कसते जा रही है। एसआईटी को जो डायरी हाथ लगी है उसमें कई जानकारियां निकलकर सामने आ रही है।जांच के दौरान आईएफएस अधिकारी कौशलेन्द्र सिंह, नान के तत्कालीन कांकेर जिला प्रबंधक चिंतामणि चंद्राकर, घ्शिवशंकर भट्ट,पीए के.के. बारीक एवं गिरीश शर्मा को 23 मई को पूछताछ के लिए ईओडब्ल्यू ने तलब किया है। इनमे से कई नामों का उल्लेख निलंबित पुलिस अफसर मुकेश गुप्ता के ट्रस्ट एमजीएम से  जुड़े होने की जानकारी मिले से ईओडब्ल्यू के अधिकारी हैरान है। 

दरअसल गवाहों के पलटने से पूरा मामला और भी अधिक संदेहजनक हो गया है। स्पेशल मजिस्ट्रेट लीना अग्रवाल की अदालत ने 28 से 31 मई तक बयान दर्ज कराने के लिए जांच टीम को नोटिस किया है। टीम की उपस्थिति दर्ज कराने पर रोजाना तीन-तीन गवाहों के बयान लिए जायेंगे। इसके अलावा घोटाले के अन्य गवाहों के रूप में 28 मई को कर्मचारी जीतराम यादव , पुलिस निरीक्षक नरेंद्र बंछोर और जेपी कुजूर, 29 मई को नान कर्मी अरविन्द ध्रुव, निजी मोबाइल कंपनी के कर्मचारी भार्गव शर्मा, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक आर.के. दुबे, 30 मई को आईएएस बृजेश चंद्र, पुलिस निरीक्षक रवि तिवारी और फरहान कुरैशी, 31 मई को निरीक्षक चंद्रशेखर धु्रव,एस.के. सेन और पुलिस निरीक्षक कादिर खान की गवाही होगी। यह सभी नान घोटाले में छापेमारी से लेकर विवेचना टीम में शामिल थे।