मतदान के नियमों में बदलाव पर RJD को आपत्ति
नई दिल्ली
बिहार विधान चुनाव से पहले पोस्टल बैलट के नियमों में बदलाव करने पर आरजेडी ने नाराजगी जताई है और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इसे वापस लेने की मांग की है.
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि इस फैसले को लेने से पहले आरजेडी की राय भी नहीं ली गई. जबकि आरजेडी इस वक्त बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है.
बता दें कि चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए बैलट पेपर से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किया है. इसके तहत कोरोना रोगियों या कोरोना से प्रभावित मतदाताओं को बैलट पेपर से मतदान करने की अनुमति दी गई है.
आरजेडी को चुनाव आयोग के फैसले पर आपत्ति
आरजेडी ने कहा है कि ऐसा फैसला लेने से पहले चुनाव आयोग ने पार्टी की राय नहीं जानी. सांसद मनोज झा ने कहा है कि इस फैसले से सत्ताधारी पार्टी को फायदा होने की आशंका है. पार्टी का मत है कि चूंकि सत्ताधारी दल के सरकार के हवाले ही पोस्टल बैलट से जुड़ी सारी गतिविधियां होंगी, इसलिए इसका सारा फायदा सत्तारुढ़ दल को होगा.
सत्तारूढ़ दल को होगा फायदा
आरजेडी ने चुनाव आयोग से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है. आरजेडी ने कहा है कि उनकी चिंता वोटर के फिजिकल वेरिफिकेशन को लेकर है. पार्टी ने कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा पोस्टल बैलट की योग्यता रखने वाले लोगों की कैटेगरी बढ़ाने के बाद सत्यापन के सिद्धांत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है, और इससे सत्तारूढ़ दल को फायदा होगा.
जल्दबाजी में लिया गया है फैसला
राष्ट्रीय जनता दल ने कहा है कि बिहार में चुनाव अक्टूबर नवंबर में प्रस्तावित है और पोस्टल बैलट से जुड़े नियमों को अभी से ही बदल देने का कोई मतलब नहीं है. मनोज झा ने कहा कि सरकार ने कोरोना प्रभावित इलाकों में ढील देना शुरू कर दिया है. जिंदगी पटरी पर आ रही है, ऐसे में चुनाव से 4 महीने पहले ही इस नियम को लागू कर देना जल्दबाजी है. आरजेडी ने मांग की है कि इस बदलाव को चुनाव आयोग वापस ले और कोरोना काल में मतदान की चुनौतियों लेकर एक सर्वदलीय बैठक बुलाए.
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