म​हंगाई के विरोध में बैलगाड़ी से विधानसभा जाने का ऐलान

रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा ​का विशेष सत्र 11 व 12 सितंबर को आयोजित किया गया है. लगातार पेट्रोल डीजल के दामों में हो रही वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस ने केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन 12 सितंबर को कांग्रेसियों ने पेट्रोल डीजल के दामों के विरोध के लिए बैलगाड़ी से विधानसभा जाने का ऐलान किया है. मंगलवार को​ विधानसभा में कांग्रेस दल की हुई बैठक में इसका निर्णय लिया गया.

कांग्रेस के विधायक दल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 सितंबर की सुबह साढ़े 9 बजे सभी सदस्य कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से एक साथ विधानसभा के लिए निकलेंगे. पेट्रोल-डीजल कीमत बढ़ोतरी और महंगाई के विरोध में विधायक बैलगाड़ी पर सवार होकर विधानसभा जाएंगे. कांग्रेस के इस निर्णय के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की राह पर चलने की तैयारी कर रही है.


बता दें कि नंवबर, 1973 की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक त्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को संसद में विरोधी दलों के गुस्से का सामना करना पड़ा था. पेट्रोल, डीजल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर उस समय लेफ्ट और बाकी विपक्षी दलों ने इंदिरा गांधी से इस्‍तीफे की मांग की थी. उस समय जन संघ के नेता अटल बिहारी वाजपेयी और दो अन्य सदस्य बैलगाड़ी से संसद पहुंचे थे. करीब 45 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी के विरोध के इस अंदाज ने खूब सूर्खियां बंटोरी थीं. अब कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ इसी तरह के प्रदर्शन का निर्णय लिया है.