लंबी चली हड़ताल तो थम सकती है इंदौर की रफ्तार, केवल 3 दिनों का बचा है ईंधन

लंबी चली हड़ताल तो थम सकती है इंदौर की रफ्तार, केवल 3 दिनों का बचा है ईंधन

इंदौर
ट्रक ऑपरेटर्स (Truck Operator) की हड़ताल (Strike) को इंदौर (Indore) के डीजल पेट्रोल टैंकर संचालकों (Diesel Petrol Tanker Operators) ने भी अपना समर्थन दे दिया है. एसोसिएशन का मानना है कि यदि ये हड़ताल 3 दिन से ज्यादा चली तो इंदौर (Indore) में ईंधन की किल्लत हो सकती है. उनके मुताबिक इंदौर में केवल 3 दिनों के लिए डीजल पेट्रोल (Diesel petrol) की व्यवस्था है. एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मागों को लेकर सीएम से भी मुलाकात की थी. सीएम के साथ बैठक विफल होने के बाद उन्होंने ये कदम उठाया है.

शुक्रवार से गुड्स बुकिंग से इंकार करने के बाद शनिवार से ट्रक ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. सरकार से की गई वार्ता भी विफल रही. इंदौर के करीब 3200 ट्रक ऑपरेटर इस हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं. शहर और बाहरी हिस्सों में सभी ने अपने वाहनों को खड़ा कर दिया है. ट्रक ऑपरेटर्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल कर रहे हैं. इंदौर की 3 अलग-अलग एसोसिएशन हड़ताल के समर्थन में हैं, जिसमे ट्रक ऑपरेटर्स, पार्सल एंड गुड्स, और टैंकर एसोसिएशन हड़ताल पर चले गए हैं.

ट्रक ऑपरेटर्स परिवहन विभाग द्वारा पुरानी एवं नई गाडिय़ों पर की गई आजीवन शुल्क वृद्धि वापस लेने और प्रदेश सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर जो 5 प्रतिशत वैट (कर) लगाया है, उसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इन्हीं मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल जारी है.

ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पीआरओ प्रवीण के मुताबिक़ शहर की तीनों एसोसिएशन की सहमति से प्रदेशव्यापी हड़ताल का समर्थन किया गया है. फिलहाल सभी स्वेच्छा समर्थन जाहिर कर रहे हैं. इससे पहले मंगलवार 1 अक्टूबर को ट्रक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम कमलनाथ से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया था. एसोसिएशन ने उनके सामने अपनी मांगें रखी थीं. सूत्रों के मुताबिक सीएम से कोई ठोस आश्वासन न मिल पाने के कारण उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ रहा है.