'सहज सम्भव' की रेखा झिंगन ने दिल्ली से वाघा बॉर्डर तक चलाया नशा मुक्ति अभियान
नईदिल्ली
द्वारका (दिल्ली) के प्रसिद्ध एनजीओ 'सहज सम्भव' की संचालिका रेखा झिंगन ने नशा मुक्ति और महिला सशक्तिकरण को लेकर दिल्ली से वाघा बॉर्डर तक नशा मुक्ति मुहिम चलाई। तीन दिवसीय इस मुहिम का शुभारंभ दिल्ली के द्वारका से हुआ जहाँ दिल्ली पुलिस के एसीपी राजेन्द्रसिंह एवम सोशल एक्टिविस्ट मुकेश सिन्हा ने सहज सम्भव की टीम को हरी झण्डी दिखाकर वाघा बॉर्डर के लिए रवाना किया। इस अवसर पर एलआईसी के संजीव सूद भी मौजूद थे।

सहज सम्भव की टीम का पहला पड़ाव हरियाणा के मुर्थल में रहा, जो ढाबों के लिए प्रसिद्ध है, यहां आहूजा ढाबे के संचालक अशोक आहूजा ने एक कार्यक्रम में सहज सम्भव द्वारा किये जा नशा मुक्ति के प्रयासों की सराहना की और रेखा झिंगन का स्वागत किया। इसके पश्चात पानीपत पुलिस स्टेशन पर स्वागत कार्यक्रम हुआ। घरौंडा के एमएलए हरविंदर सिंह कल्याण ने अपने दफ्तर पर आयोजित कार्यक्रम में नशा मुक्ति का संदेश दिया।
सहज सम्भव की टीम इसके पश्चात लुधियाना पहुंची, जहाँ नशा मुक्ति का संदेश लोगों को दिया गया। इसके बाद अमृतसर में न्यू लाइफ चेरिटेबल के एड. अंगदसिंह ने कार्यक्रम आयोजित कर सहज संभव की टीम का स्वागत किया। वे भी अमृतसर में नशा मुक्ति की दिशा में अभियान छेड़े हुए हैं। अमृतसर के लोकसभा सदस्य स. गुरजीतसिंह औजला के कार्यालय में आहूत कार्यक्रम में मौजूद लोगों को नशे के कुप्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर स. औजला की माताजी बीबी जागीर कौर, पिताजी स. सरबजीत औजला, पार्षद जतिंदर कौर, कमलजीत सिंह गेंदी, लाली मिरांकोट, अमृता गर्ग, आदि उपस्थित थे।

रेखा झिंगन ने अपने उदबोधन में 'उड़ते पंजाब' का जिक्र करते हुए कहा कि नशे की गिरफ्त में केवल पंजाब ही नहीं पूरा देश है। देश भर की जवानी तबाह हो रही है। यह चिंता का विषय है और वे पिछले 20 वर्षों से नशा मुक्ति की दिशा में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए एक अभिशाप बन चुका है।इस गम्भीर समस्या के चलते समाज में अपराध भी बढ़ रहे हैं।
यहां से सहज सम्भव की टीम वाघा बॉर्डर पहुंची, जहां नशा मुक्ति, अमन और भाईचारे का संदेश दिया गया। वाघा बॉर्डर पर सहज सम्भव की टीम अपना मिशन पूरा कर दिल्ली लौट आई।
तीन दिवसीय इस जनजागरण मुहिम में सहज सम्भव की संस्थापक संचालिका रेखा झिंगन, मधुलिका गोयल, एड. मंजुला, गार्गी चढ्ढा, मनीषा शर्मा, अलका शर्मा, रमेश चंदर, रवि बहल, रजनी बहल, मन्त्रणा फाउंडेशन से सुनीता, रीना बहुखंडी शामिल रहे। सहज सम्भव की इस मुहिम को एक्ट्रा, एलआईसी, मन्त्रणा फाउंडेशन, द्वारका सिटी न्यूज पेपर और दिल्ली पुलिस ने अपना अमूल्य सहयोग दिया।
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