लोकतांत्रिक देशों के लिए सबक है श्रीलंका का हश्र, आत्मघाती साबित हुआ राजपक्षे पर अतिविश्वास

लोकतांत्रिक देशों के लिए सबक है श्रीलंका का हश्र, आत्मघाती साबित हुआ राजपक्षे पर अतिविश्वास

ब्रम्हदीप अलुने

करिश्माई सत्ता लोकतांत्रिक देशों  के लिए धीमे ज़हर के समान है जो वैधानिक व्यवस्था को तहस नहस कर राष्ट्र की अखंडता को संकट में डाल देती है।

दरअसल गोटभाए राजपक्षे ने तमिलों के नरसंहार और सिंहली राष्ट्रवाद के