भोपाल। मप्र में दहेज हत्या एवं आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण संबंधी अपराधों में वृद्धि हुई है। पुलिस मुख्यालय ने अप्रैल से दिसंबर तक के आंकड़े जारी किए हैं। इसमें अधिकतर समय लॉकडाउन रहा।
सात जिलों में शिकंजा
इधर, आदतन यौन अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए कुछ माह में भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, धार और मुरैना में 23 करोड़ की अवैध संपत्ति अपराधियों के कब्जे से मुक्त कराई गई।
पीएचक्यू ने जारी किए आंकड़े
पुलिस मुख्यालय की ओर से अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच महिला अपराधों को लेकर जारी आंकड़ों में दावा किया गया है कि इस समयावधि में बीते वर्ष की तुलना में बालिकाओं एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों में कमी आई है।
भ्रूण हत्या में 20 फीसदी कमी
दुष्कर्म के प्रकरणों में 19 प्रतिशत, अपहरण में 23 प्रतिशत, छेड़छाड़ में 14 प्रतिशत, दहेज प्रताड़ना में 10 प्रतिशत, भ्रूण हत्या में 20 प्रतिशत, मानव तस्करी में 20 प्रतिशत की कमी रही है।
पांच दोषियों को मौत की सजा
इस वर्ष 2019 एवं 2020 के नाबालिग के साथ दुष्कर्म एवं हत्या के 5 प्रकरणों में (नरसिंहपुर जिले में 2 और भोपाल, छिंदवाड़ा एवं इंदौर में 1-1) दोषियों को मृत्युदंड से दंडित कराया गया।