MH370 के रूट को संभवत: जानबूझकर बदला गया था: जांच रिपोर्ट
कुआलालंपुर
4 साल से ज्यादा वक्त पहले लापता हुई मलयेशिया एयलाइंस की फ्लाइट MH370 से जुड़े हादसे के जांचकर्ताओं ने सोमवार को रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में कहा गया कि बोइंग-777 विमान के कंट्रोल से जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी और उसे तय रूट से अलग रूट पर ले जाया गया था। हालांकि यह नहीं तय हो पाया है कि इस छेड़छाड़ के लिए कौन जिम्मेदार था।
मलयेशियाई और अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बोइंग-777 की दिशा क्यों बदल गई और वह तय रूट से हजारों मील दूर गलत रास्ते पर चल पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी ने शायद MH370 का रूट बदलकर हिंद महासागर के ऊपर करने से पहले उसका ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद कर दिया था।
MH370 से आखिरी बार संपर्क तब हुआ था जब विमान के कैप्टन जहारी अहमद शाह ने मलयेशियाई एयरस्पेस को छोड़ने से पहले 'गुड नाइट, मलयेशियन 370' कहा था।
8 मार्च 2014 को कुआलालंपुर से पेइचिंग जा रहा विमान लापता हो गया। विमान में 239 लोग सवार थे। यह दुनिया में एविएशन की अबतक की सबसे बड़ी अबूझ पहली है। जांचकर्ताओं ने रिपोर्ट में बताया है कि विमान के साथ वास्तव में क्या हुआ था, यह तय नहीं हो पाया है। जांच टीम के प्रमुख कोक सू चोन ने पत्रकारों को बताया, 'इसका सही-सही जवाब तभी मिल सकता है जब विमान का मलबा मिले।'
लापता विमान की खोज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अभियान चले और इस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए। 29 मई को मलयेशिया ने अमेरिकी फर्म ओशन इनफिनिटी की 3 महीने तक चले खोज अभियान को बंद कर दिया था। अमेरिकी फर्म ने दक्षिणी हिंद महासागर में 1,12,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को खंगाला था लेकिन इस अभियान में कुछ खास नहीं पता चल सका।
यह पिछले साल ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलयेशिया द्वारा चलाए गए खोज अभियान के बाद दूसरा सबसे बड़ा अभियान था। पिछले साल तीनों देशों ने 1,20,000 वर्ग किलोमीटर इलाके में खोज अभियान चलाया था और इस पर 20 करोड़ रुपये (करीब 1400 करोड़ रुपये) खर्च हुए थे। उस खोज अभियान में भी कुछ पता नहीं चल सका।
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