मामले में फरार चल रही हैं धोखेबाज दंपति की बेटियां
brijesh parmar
उज्जैन। एक ही बिल्डिंग को तीन अलग अलग लोगों को बेचने का अनुबंध कर करीब 50 लाख की धोखाधड़ी करने वाली फ्रीगंज निवासी पांडेय दंपति द्वारा अब चौथे शख्स के साथ धोखाधड़ी करने की साजिश की जा रही है। पांडेय दंपति से धोखाधड़ी का शिकार हुए कोचिंग क्लास संचालक कार्तिकेय सिंह सेंगर ने इस संबंध में माधवनगर थाने में शिकायती आवेदन देकर पांडेय दंपति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

कोचिंग संचालक कार्तिकेय सिंह सेंगर के मुताबिक उन्होंने फ्रीगंज में एके बिल्डिंग चौराहे पर रहने वाली पूर्णिमा पति दीपांकर पांडेय से उसके भवन क्रमांक 11/12 तात्या टोपे मार्ग को खरीदने का सौदा किया था और बयाना पेटे 11 लाख 11 हजार रुपये देकर अनुबंध किया था और कब्जा लेकर अपनी कोचिंग का संचालन शुरू कर दिया था। अपने सौदे के सम्बंध में जाहिर सूचना निकालने पर मुझे ज्ञात हुआ कि सौदा करने वाली पूर्णिमा और उसके पति दीपांकर पांडेय ने मुझसे पूर्व अन्य तीन लोगों सुनील मेहता और सुषमा शुक्ला- ऋषभ वसुनिया से भी उक्त भवन के ही विक्रय को लेकर अनुबंध कर रखा है और उन लोगों सेे भी करीब 35 लाख रुपये से अधिक की राशि बयाना पेटे ले रखी है लेकिन रजिस्ट्री नहीं की है। इस पर मेरे द्वारा दोनों पति पत्नी पूर्णिमा और दीपांकर के खिलाफ माधवनगर थाने में शिकायत की गई थी जिस पर दोनों के खिलाफ थाना माधवनगर में 420,406 और 34 में मुकदमा दर्ज है। जिसका अपराध क्रमांक 0357/2018 है। वहीं मेरी अनुपस्थिति में उक्त भवन में संचालित की जा रही मेरी कोचिंग का ताला तोड़कर सामान गायब करने,बेचने,गाली गलौज करने,और अपना ताला लगाकर मुझे कोचिंग पर जाने से रोकने के मामले में थाना माधवनगर में ही पूर्णिमा और दीपांकर की दोनों पुत्रियों स्वर्णिमा और दीप नंदिनी पांडेय के खिलाफ 448,406,427,34में मुकदमा दर्ज हैं। जिसका अपराध क्रमांक 0550/2018 है।जिसमें दोनों आज दिनांक तक फरार हैं।
कार्तिकेय के मुताबिक चूंकि उक्त प्रॉपर्टी को लेकर मेरा पांडेय परिवार से विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पर इसके बाद भी धोखेबाज दंपति पूर्णिमा दीपांकर पांडेय द्वारा उक्त विवादित संपत्ति को मुकेश पाटीदार नामक किसी अन्य शख्स को धोखे में रखकर किराये पर देने या बेचे जाने की साजिश की जा रही है और वहाँ लगे मेरे कोचिंग के बोर्ड को भी हटा दिया है। इसलिये मेरे द्वारा थाने में शिकायती आवेदन दिया है और धोखाधड़ी के आरोपी पांडेय दंपति पूर्णिमा पांडेय और दीपांकर पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मेरे मामले का निराकरण होने तक आरोपी दंपति को किसी चौथे शख्स के साथ धोखाधड़ी करने से रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाए और मेरी कोचिंग का बोर्ड हटाने को लेकर प्रकरण दर्ज किया जाए । साथ ही मामले में फरार चल रही उनकी दोनों आरोपी पुत्रियों स्वर्णिमा और दीपनंदिनी को गिरफ्तार किया जाए।