इंदौर नगर निगम ने जुगाड़ से बनाई ह्यूमन सेनिटाइजेशन मशीन
इंदौर
मध्य प्रदेश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित इंदौर (Indore) में संक्रमण से बचने के लिए अलग-अलग तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं. ऑफिसों में लोगों को सेनेटाइज करने के लिए नगर निगम (Municipal Corporation) के कर्मचारियों ने जुगाड़ से ह्यूमन सेनिटाइजेशन मशीन (Human sanitization machine) बना ली है. इसमें जुगाड़ की तकनीक से अलग-अलग चीजें जोड़ी गई हैं. इस फुल बॉडी सेनेटाइज मशीन से गुजरने के बाद लोग अपने ऑफिस में संक्रमण रहित होकर प्रवेश कर सकेंगें. इंदौर में अपनी तरह का ये पहला प्रयोग है।
नगर निगम के कमिश्नर आशीष सिंह के निर्देश पर निगम के वर्कशॉप विभाग में कोरोना से बचाव के लिए ह्यूमन सेनिटाइजेशन मशीनें बनाई जा रहीं हैं. पहली मशीन बनकर तैयार भी हो गई. इस मशीन में पांच बाय सात फीट का एक पैसेज बनाया गया है. उसमें एक तरफ से लोग दाखिल होंगे और सेनिटाइज होकर बाहर निकल सकेंगे. पैसेज के अंदर कुछ पाइप लगाए गए हैं और पैसेज कवर करने के लिए पारदर्शी प्लास्टिक के पर्दे लगाए गए हैं. इस मशीन में वाहनों की सर्विसिंग में इस्तेमाल होने वाली जेटिंग मोटर लगाई गई है. इसके जरिये पाइप में लगे स्प्रिंकलर लगातार सेनिटाइजर उड़ाते रहेंगे जिससे भीतर आने वाला व्यक्ति सेनिटाइज हो जाएगा.
इस ह्यूमन सेनिटाइजेशन मशीन के बाहर एक वॉस बेसिन बनाया गया है, जिसमें साबुन और सेनिटाइजर रखा जाएगा,ताकि इस मशीन से गुजरने के बाद लोग हाथ धोने के लिए इसे इस्तेमाल कर सकें.नगर निगम के वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे ने बताया कि जेटिंग मशीन 24 से 25 हजार रुपए में तैयार की गई है और करीब 700 रुपए के प्लास्टिक के परदे इसमें लगाए गए हैं. इसके अलावा बाकी सामान वर्कशॉप से जुटाया गया है. जबकि यही मशीन बाहर से खरीदने पर ढ़ाई से तीन लाख रुपए में आ रही है.
इससे पहले भोपाल स्मार्ट सिटी के ऑफिस में इस तरह की मशीन लगाई गई है. वहां किसी कंपनी ने मशीन उपलब्ध कराई है,जबकि इंदौर में नगर निगम के कर्मचारियों ने ये मशीन तैयार की है. निगम वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे ने बताया कि 5 से 6 मशीनें तो हम बना रहे हैं ये दो घंटे में मशीन तैयार की जा सकती है. ये पोर्टेबल मशीन है इसे निकालकर कहीं पर भी भेजा जा सकता है.
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