गोठान पशुओं की देखभाल के साथ बनेंगे ग्रामीणों की आय का जरिया: कलेक्टर

रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना के तहत गांवों में बनाए जा रहे गोठान न केवल पशुओं के लिए एक डे-केयर सेंटर के रूप में कार्य करेंगे बल्कि यह ग्रामीणों विशेषकर महिला समूहों के लिए आय का बेहतर जरिया साबित होंगे। कलेक्टर डॉ.एस. भारतीदासन ने सोमवार को यहां जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत बनचरौदा और ग्राम पंचायत बेनीडीह में बनाए गए गोठानों का जायजा लिया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह और वनमण्डलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता भी साथ थे।

कलेक्टर डॉ. भारतीदासन ने सभी गोठानों में गांव में पशुओं की संख्या के अनुरूप शेड, पानी और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। बरसात के पानी निकासी के लिए आवश्यक नाली और सोख्ता गड्डा अनिवार्य रूप से बनाए। उन्होंने कहा कि गोठानों में आने वाले सभी पशुओं का नियमित रूप से टीकाकरण हो। गोठान के पास बनाए जा रहे चारागाह में इस तरह से चारा की फसल लगाए ताकि 12 महिने पशुओं को हरा चारा यहां से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों को गोठानों में चारादान के लिए प्रेरित किया जाए।

कलेक्टर ने यहां स्व सहायता समूहों की महिलाओं से भी चर्चा की और उनके द्वारा संचालित की जाने वाली आय मूलक गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वो अगरबत्ती निर्माण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, बाड़ी से सब्जी उत्पादन के साथ ही मशरूम उत्पादन और आचार बनाने का काम करेंगी। कलेक्टर ने सभी समूहों को उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण और आवश्यक सहायता तथा उनके उत्पाद के मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि महिलाओं का इन गतिविधियों से आर्थिक लाभ हो सके। कलेक्टर ने कहा कि इसी तरह ग्रामवासियों से बात कर यह भी सुनिश्चित किया जाए कि घरों में अलग-अलग गायों से दूध न निकालकर एक फेडेरशन के रूप में गठित कर एक साथ यहां गोठानों में दूध निकाला जाए ताकि एक साथ उस दूध का विक्रय कर बेहतर आमदनी अर्जित की जा सके। कलेक्टर ने नरवा संरक्षण के तहत आरंग विकासखण्ड के कोल्हान नाला और गौरभाट नालाओं को पुनर्जीवित करने स्थल का अवलोकन भी किया तथा यहां बारिश के जल को रोकने के लिए नाला के प्रारंभ से अंत तक चिन्हित स्थलों पर आवश्यक बोरी बंधान और बोल्डर चेक डेम बनाने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए है।