बरगी के गेट खुलने से धुंआधार हुआ गायब, परियट भी हुआ लबालब
जबलपुर
बरगी के गेट खुलने से भेड़ाघाट में चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। जैसे ही बरगी के गेट खुले पाली तेजी से धुंआधार की और बढ़ा और उसको अपने आगोश में समा लिया। उधर रांझी सहित 15 वार्डों के लिए अच्छी खबर है। इस साल इन क्षेत्रों को जलसंकट नहीं झेलना पड़ेगा। इन वार्डों सहित सुरक्षा संस्थानों को पानी देने वाला परियट जलाशय अभी से फुल होने की कगार पर पहुंच गया है। परियट में आधा फीट पानी और आते ही छलकना शुरू हो जाएगा।
शहर की 60 फीसदी आबादी के लिए नगर निगम ललपुर और रमनगरा से जलापूर्ति करता है। जबकि उपनगरीय क्षेत्र रांझी सहित 15 वार्ड, सभी सुरक्षा संस्थान, इंजीनियरिंग कॉलेज को परियट जलाशय से पानी दिया जाता है, लेकिन पिछले साल कम बारिश के कारण परियट जलाशय पूरा भर नहीं पाया था। इस वजह से यहां के लोगों को सर्दी के सीजन से ही जलसंकट से जूझना पड़ रहा था। नगर निगम ने रांझी सहित 15 वार्डों को नवंबर से ही एक समय पानी देना शुरू कर दिया था जो जून तक जारी था। कई बार तो ऐसी स्थिति भी बनी कि क्षेत्र को दो-दो दिन पानी ही नहीं मिल पाया।
15 वार्डों में नहर से हो रही थी पानी की सप्लाई -
परियट पिछले साल आधा ही भरा था और नवंबर में सिर्फ 7 फीट पानी शेष था। इसी वजह से नगर निगम ने सिर्फ एक टाइम पानी लेना शुरू कर दिया था। बाद में निगम को बरगी डैम की बायीं तट नहर में उमरिया के पास पावर हाउस बनाकर पानी लेना पड़ा तब कहीं जाकर 5 वार्डों को एक समय पानी मिल पाया।
परियट जलाशय की स्थिति -
अधिकतम न्यूनतम वर्तमान
1390.90 1360.90 1390.0 फीट
खंदारी जलाशय के पानी को रिजर्व में रखता है नगर निगम -
खंदारी अभी भी 22 फीट खाली है। हालांकि खंदारी के पानी से नगर निगम बिलहरी, गोरखपुर, सिविल लाइन की 3 टंकी ही भरती हैं, इसलिए ज्यादा क्षेत्र प्रभावित नहीं होता है। इन तीनों टंकियों को दूसरी लाइन से भी पानी देने की व्यवस्था है। इसलिए निगम खंदारी के पानी को रिजर्व में भी रखता है।
खंदारी जलाशय की स्थिति -
अधिकतम न्यूनतम वर्तमान
1454.67 1424.04 1432.0 फीट
26 घंटे बाद बरगी के 4 गेट बंद -
बरगी डैम में आने वाले पानी की रफ्तार कम होते ही 26 घंटे बाद बुधवार की शाम को 6 बजे 4 गेट बंद कर दिए गए। अब सिर्फ 3 गेट ही खुले हैं, वे भी आधा-आधा मीटर की ऊंचाई तक। बांध में 1844 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड आ रहा है, जबकि 431 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। विदित हो कि बांध की भराव क्षमता और भीतर आने वाले पानी की रफ्तार को देखते हुए मंगलवार की शाम 4 बजे बांध प्रशासन ने 7 गेट खोले थे, लेकिन पानी आने की रफ्तार कम होते ही 26 घंटे बाद 4 गेट बंद भी कर दिए गए।
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