बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाकर भरोसा जीत रही भाजपा, भावी नेतृत्व भी पेश किया

बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाकर भरोसा जीत रही भाजपा, भावी नेतृत्व भी पेश किया

नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की चुनावी जंग के लिए भाजपा नेतृत्व न केवल प्रचार अभियान में अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है, बल्कि उम्मीदवार तय करने के लिए भी कड़ी मशक्कत कर रहा है। पार्टी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री, सांसदों समेत अपने से बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतार कर लोगों के बीच में राज्य के लिए अपना भावी नेतृत्व भी पेश किया है। भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल की लड़ाई एक राज्य के चुनाव से कहीं ज्यादा है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व ने उम्मीदवार तय करने के लिए कई दौर की बैठक करने के साथ बुधवार-गुरुवार की रात भर मंथन किया है। इसके बाद गुरुवार शाम को पार्टी ने 148 उम्मीदवारों की एक और सूची जारी की है। बुधवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व लगभग चार घंटे तक केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों को लेकर मंथन किया। इसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चले गए तब प्रदेश के कोर ग्रुप के साथ पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सुबह चार बजे तक एक एक सीट को लेकर मंथन किया।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी के प्रदेश के बड़े नेताओं ने कई सीटों के लिए अपनी तरफ से अलग-अलग नाम सुझाए थे, जिससे भाजपा नेतृत्व को एक नाम तय करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी है। चूंकि यह नाम दूसरे दल छोड़कर आए प्रमुख नेताओं ने दिए थे, इसलिए पार्टी को अपने पुराने नेताओं के साथ भी मंत्रणा करनी पड़ी है, ताकि कहीं कोई असंतोष खड़ा न हो। साथ ही तृणमूल कांग्रेस के साथ सीधे मुकाबले की स्थिति में पार्टी कमजोर न पड़े। पश्चिम बंगाल में पार्टी ने केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक के साथ अपने प्रमुख नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है। दरअसल, पार्टी इससे यह संदेश देना चाहती है कि उसके पास बंगाल में भावी सरकार बनने की स्थिति में किस तरह का नेतृत्व होगा और कौन लोग सरकार चलाएंगे। इससे वह जनता के बीच अपने लिए एक भरोसा पैदा करना चाहती है, ताकि वह जीत की अपनी दावेदारी पेश कर सके। हालांकि भाजपा ने राज्य में मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं दिया, लेकिन उसने अपने सभी प्रमुख नेताओं को सामने लाकर साफ कर दिया है कि बंगाल के लिए उसकी टीम पूरी तरह तैयार है। इस बीच राज्य में चुनाव सभाओं के जरिए भाजपा अपना माहौल लगातार बढ़ा रही है। पार्टी के पूर्व नेता का मानना है कि इसी माहौल को पार्टी मतदान केंद्र तक ले जाने की कोशिश कर रही है और ऐसा होने पर उसकी जीत सुनिश्चित है। हालांकि भीड़ और वोट को लेकर पार्टी सतर्क है।