आर्थिक सर्वे ने बताया मोदी सरकार का रोडमैप, ऐसे बनेगा भारत 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यस्था
नई दिल्ली
आर्थिक सर्वे 2019 (Economic Survey 2019) ने दूसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार का रोडमैप बताया है। आर्थिक सर्वे में बताया है कि 2025 तक 8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट के साथ भारत 5000 अरब डॉलर की अर्थव्यस्था बन सकता है। इसके अलावा देश की राजकोषीपय घाटे से लेकर जीडीपी के अनुमान का खाका दिया गया है। आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि सरकार की योजनाओं का जनसंख्या के बड़े हिस्से ने फायदा उठाया है।
महिला सशक्तिकरण के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि महिलाओँ को मुख्य धारा में लाने और समाज में बदलाव के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्जवला योजना, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की है। समय के साथ परिवार के निर्णय में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
इसमें कहा गया है कि अखिल भारतीय स्तर पर महिलाओं के वित्तीय समावेश में भी वृद्धि दर्ज की गई है। बैंकिंग सेवाएं या बचत खाते जो महिलाएं स्वयं उपयोग करती हैं। वर्ष 2005-06 में महिलाओं का अनुपात 15.5 प्रतिशत था जो 2015-16 में बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है। सभी मंत्रालयों में लिंगानुपात को ध्यान में रखते हुए बजट, योजना और कार्यक्रम बनाये जा रहा है।
आर्थिक समीक्षा 2018-19 में सामाजिक अवसंरचना विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश के महत्व को रेखांकित किया गया है। समावेशी विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसे विकास रणनीति की प्राथमिकता माना गया है। आर्थिक समीक्षा के अनुसार गरीबी तथा अन्य समस्याओं को समाप्त करने के लिए ऐसी नीतियां होनी चाहिए जो स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बनाती है, असमानता को कम करती है और दीर्घकालिक उपायों के तहत आर्थिक विकास को गति देती है।
संसद में आज पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जनसंख्या के बड़े हिस्से को लाभ मिला है। पीएम किसान योजना के तहत 5 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है। सामाजिक सेवाओं पर परिव्यय में जीडीपी का एक प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
bhavtarini.com@gmail.com 