जशपुर की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास, अंडर-17 और अंडर-19 दोनों वर्गों में जीते स्वर्ण पदक

जशपुर की बेटियों ने क्रिकेट में रचा इतिहास, अंडर-17 और अंडर-19 दोनों वर्गों में जीते स्वर्ण पदक

अंडर-17 में लगातार दूसरे वर्ष बनीं प्रदेश चैंपियन, कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास से हासिल की ऐतिहासिक सफलता

रायपुर, जशपुर जिले की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर दोहरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास इचकेला में रहकर अध्ययन करने वाली बालिका खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के अंडर-17 और अंडर-19 दोनों आयु वर्गों में सरगुजा जोन को स्वर्ण पदक दिलाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। दोनों विजेता टीमों में इचकेला छात्रावास की कुल 20 बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी रही। इस उपलब्धि ने साबित किया है कि ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की बेटियां भी उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर खेल के क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर की बेटियों की इस शानदार उपलब्धि से जिले में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

अंडर-17 में लगातार दूसरे वर्ष स्वर्ण पदक जीतकर कायम किया दबदबा

         सारंगढ़ में 4 से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में अंडर-17 बालिका क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। सरगुजा जोन की टीम ने रायपुर, दुर्ग और बस्तर जोन को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में बिलासपुर जोन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

         इस विजेता टीम में इचकेला छात्रावास की 10 प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल रहीं। टीम की कप्तान कुमारी गायत्री बाई के नेतृत्व में एंजेल लकड़ा, आस्था रानी, आकृति यादव, अमीषा लकड़ा, साक्षी यादव, सुप्रिया मिंज, अनन्या सिदार, अलका रानी कुजूर और आराधना ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

          विशेष बात यह है कि सरगुजा जोन की अंडर-17 बालिका क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष कांकेर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस वर्ष लगातार दूसरी बार प्रदेश चैंपियन बनकर खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, निरंतरता और श्रेष्ठ खेल कौशल का परिचय दिया है।

अंडर-19 में भी बेटियों का शानदार प्रदर्शन, प्रदेश की अन्य जोन टीमों को दी मात

        अंडर-19 बालिका क्रिकेट वर्ग में भी सरगुजा जोन की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। राजनांदगांव में 24 सितंबर 2026 से आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में टीम ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर जोन को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।

          इस विजेता टीम में इचकेला छात्रावास की 10 खिलाड़ी वर्षा बाई, संतोषी बाई, जिज्ञासा कुजूर, तुलसिका भगत, पूर्वांशी साहू, रितु भगत, अवीना बाई, झूमर तिर्की, आर्यनसी बेक और अंशिका राज आर्यन शामिल रहीं।

           इनमें आठ खिलाड़ी लूथरन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इचकेला में अध्ययनरत हैं। आर्यनसी बेक शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय इचकेला की छात्रा हैं, जबकि अंशिका राज आर्यन अंबिकापुर से हैं।

          दोनों आयु वर्गों की टीमों की सफलता में प्रशिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंडर-17 टीम को कोच संतोष कुमार ने प्रशिक्षण दिया, जबकि अंडर-19 टीम ने कोच श्रीमती प्रांशु प्रिया धनसो और संतोष कुमार के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

पांच-छह वर्षों की मेहनत लाई रंग, छात्रावास में रहकर बेटियों ने संवारा अपना भविष्य

         इचकेला छात्रावास की इन बेटियों की सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती पंडरी बाई और शंकर ने बताया कि बालिकाएं पिछले पांच-छह वर्षों से लगातार क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। पढ़ाई के साथ खेल के लिए समय निकालना, नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करना और प्रतियोगिताओं की तैयारी करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।

          खिलाड़ियों की सफलता में जनरल मैनेजर अनिल श्रीवास्तव, श्रीमती सुगंती कुजूर, रीना मैडम तथा प्रशिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सभी के सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से बालिकाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है।

          छात्रावास में रहकर शिक्षा प्राप्त करने वाली इन बेटियों ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से सीमित संसाधनों के बीच भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। उनकी यह सफलता जिले की अन्य बालिकाओं को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

जिला प्रशासन के सहयोग और प्रोत्साहन से खिलाड़ियों को मिला संबल

             छात्रावास अधीक्षिका ने बताया कि कलेक्टर जशपुर के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों की आवश्यकताओं और खेल सामग्री की उपलब्धता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे बालिका खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और प्रतियोगिताओं की बेहतर तैयारी करने के लिए प्रोत्साहन मिला है। खिलाड़ियों को मिले सहयोग के लिए जिला प्रशासन और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

        कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास ने बालिका खिलाड़ियों की इस दोहरी स्वर्णिम उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और छात्रावास प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने बेटियों को पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में भी निरंतर आगे बढ़ने और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर जिले तथा प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

जशपुर की बेटियां बनीं प्रेरणा, खेल के क्षेत्र में खुल रही नई संभावनाओं के द्वार

          इचकेला छात्रावास की बेटियों की यह उपलब्धि केवल दो स्वर्ण पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण और जनजातीय अंचल की बालिकाओं की बढ़ती खेल प्रतिभा, आत्मविश्वास और सफलता की कहानी भी है। इन खिलाड़ियों ने यह संदेश दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या विशेष सुविधा की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के बल पर गांवों की बेटियां भी प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

          अंडर-17 और अंडर-19 दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर जशपुर की इन बेटियों ने न केवल सरगुजा जोन का गौरव बढ़ाया है, बल्कि जिले की नई पीढ़ी के सामने खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल भी प्रस्तुत की है।