अब 27 नवंबर को होगी आरम्भ - III की शुरुआत  

अब 27 नवंबर को होगी आरम्भ - III की शुरुआत  

अब 27 नवंबर को होगी आरम्भ - III की शुरुआत

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के निधन के चलते 25 एवं 26 नवंबर को होने वाली प्रस्तुतियां निरस्त

आरती श्रीवास्तव देंगी कत्थक नृत्य की प्रस्तुति

festival-of-classical-music-and-dance-in-gyan-deep Syed Javed Ali festival-of-classical-music-and-dance-in-gyan-deepमंडला - जिला पर्यटन संवर्धन परिषद मंडला और रजा फाउंडेशन  के संयुक्त तत्वाधान में युवाओं की शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य श्रंखला आरंभ - 3 के आयोजन में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के असामयिक निधन के चलते परिवर्तन किया गया है। दिनांक 25 एवं 26 नवंबर को आरंभ मंडला - 3 के अन्तर्गत आयोजित प्रस्तुतियां निरस्त की गई हैं। अन्य प्रस्तुतियां पूर्व अनुसार होंगी। आरंभ - 3 के तहत 25 नवंबर 2019 की शाम 7:00 बजे ज्ञानदीप इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल मंडला में युवा कथक नृत्यांगना आरती श्रीवास्तव द्वारा कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया जाना था लेकिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी जी के असामयिक निधन के चलते इसे निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा  26 नवंबर 2019 की सुबह 9:00 बजे भारत ज्योति स्कूल मंडला और 26 नवंबर 2019 की शाम पॉलिटेक्निक कॉलेज मंडला में आरम्भ - III के तहत होने वाला कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है। अब आरम्भ - III की शुरुआत 27 नवंबर 2019 की सुबह 9:00 बजे केंद्रीय विद्यालय मंडला में होगी जिसमे नृत्यांगना आरती श्रीवास्तव द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत करने के साथ - साथ उसके बारे में छात्र - छात्राओं को जानकारी भी प्रदान करेगी। 27 नवंबर 2019 की दोपहर नवोदय विद्यालय पदमी, 28 नवंबर 2019 की सुबह 9:00 बजे रानी अवंती बाई स्कूल में आरती श्रीवास्तव कथक नृत्य की प्रस्तुति के साथ-साथ छात्र छात्राओं को कथक की बारीकियों से भी अवगत करायेगी। रज़ा फाउंडेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे ने बताया कि कलेक्टर मंडला डॉ. जगदीश चंद्र जटिया के मार्गदर्शन में मंडला जिले में फाउंडेशन की गतिविधियों में लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडला में कथक नृत्य के लिए आ रही आरती श्रीवास्तव एक युवा और होनहार कथक नर्तकी है। आरती ने 10 वर्ष की आयु से ग्वालियर में नृत्य की शिक्षा लेना प्रारंभ कर दिया था। इन्होंने अपनी गुरु सुश्री प्रेरणा श्रीमाली के कुशल मार्गदर्शन में दिल्ली कथक केंद्र से अपना पोस्ट डिप्लोमा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके अलावा खैरागढ़ विश्वविद्यालय से नृत्य में एमए किया। इन्होंने अपनी गुरु की प्रमुख नृत्य रचनाओं सप्तावर्त, विवक्षा, नृत्य राग, नचत सुगांध आदि में भाग लिया है। आरती ने रजा फाउंडेशन दिल्ली द्वारा आयोजित उत्तराधिकार फेस्टिवल में एकल नृत्य प्रस्तुत किया है। आरती अपनी गुरु के साथ विभिन्न कार्यशाला (स्पिक मैके) और सेमिनारओं में शामिल हुई हैं। आरती दिल्ली के साथ साथ अगरतला, त्रिपुरा, चंडीगढ, भोपाल, औरंगाबाद, जयपुर, कोयंबटूर, भुवनेश्वर में अपने नृत्य का प्रदर्शन कर चुकी है। आरती भारतीय परंपरा में बहुत विश्वास रखती हैं और कथक में नए विचारों की खोज करना चाहती हैं। वर्तमान में वह अपनी गुरु सुश्री प्रेरणा श्रीमाली के सानिध्य में त्रिवेणी कला संगम दिल्ली में गुरु की नृत्य कक्षाओं में सहयोग कर रही हैं।