CM कमलनाथ का मास्टर स्ट्रोक : बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अब किसे करेंगे क्लीन बोल्ड!
भोपाल
सीएम कमलनाथ के मास्टर स्ट्रोक के बाद बीजेपी क्लीन बोल्ड हो गयी है. पार्टी के सारे धुरंधर चारों खाने चित्त हैं. किसी को सूझ नहीं रहा कि विधानसभा में जो हुआ उसके लिए क्या सफाई दी जाए. इस सारे घटनाक्रम से पार्टी आलाकमान नाराज़ है और अब प्रदेश संगठन पर गाज गिरना तय माना जा रहा है
बीजेपी दावा ही करती रह गयी कि गोवा और कर्नाटक से उठा मॉनसून मध्य प्रदेश में भी बरसेगा. लेकिन वो मॉनसून मध्य प्रदेश आते-आते कब भटक गया बीजेपी को इसकी भनक तक नहीं लगी. बीजेपी की हिमाकत देखिए कि उसने विधानसभा के सदन तक में कांग्रेस को धमकाया. नेता प्रतिपक्ष सदन में सुबह कमलनाथ सरकार को धमकाते ही रह गए और शाम होते-होते कमलनाथ ने भरे सदन में उसके दो विधायकों को अपने साथ खड़ा करके बीजेपी को चारों खाने चित्त कर दिया. सुबह बयानबाज़ी करने वाली बीजेपी शाम को बगलें झांकती रह गयी.
कमलनाथ के समर्थन में बीजेपी के 2 विधायकों के बग़ावती तेवर के बाद अब सवाल बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व पर उंगली उठ रही है. सवाल ये कि पूरे देश में अपने मैनेजमेंट और रणनीति के दम पर बाज़ी पलटने वाली बीजेपी से आखिर यहां कैसे चूक हो गयी.
दरअसल विधानसभा में कमलनाथ के मास्टरस्ट्रोक के आगे बीजेपी रन आउट हो गयी. यही वजह है कि अब इस फजीहत पर गाज गिरना भी तय माना जा रहा है.सूत्रों की मानें तो केंद्रीय आलाकमान पूरे घटनाक्रम को लेकर नाराज़ है.इसे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव की रणनीतिक चूक मानी जा रही है.दो विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं. ये खबर मीडिया को भी थी फिर प्रदेश अध्यक्ष इस खबर से बेखबर कैसे रहे.
भरे सदन में बीजेपी की किरकिरी हो गयी और पार्टी देखती रह गयी. वोट डिवीजन के दौरान सही रणनीति न होने पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.बीजेपी इस कदर गाफिल रही कि उसने ना तो अपने विधायकों को व्हिप जारी किया और ना ही वोटिंग के दौरान वॉक आउट किया.यही वजह है कि कांग्रेस 122 विधायकों का समर्थन लेकर विजेता बन गयी.
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी केंद्रीय आलाकमान की नज़र है. वो विस्तार से रिपोर्ट लेने के बाद प्रदेश में संगठन स्तर पर बड़ा बदलाव कर सकता है. इस सबसे बेपरवाह कांग्रेस अपनी रणनीतिक जीत पर मगन है.
बीजेपी नेता लगातार, बार-बार आते-जाते, उठते-बैठते कमलनाथ सरकार को गिराने की धमकी दे रहे थे. कमलनाथ की रणनीति ने उन सबके पैरों तले ज़मीन खीच ली है. बीजेपी अब इसका क्या जवाब देगी, इसका इंतज़ार है. इस चूक की गाज किस पर गिरेगी नज़रें इस पर भी टिकी हैं.
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